Palamu (Jharkhand) : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। पलामू जिले के मनातू और तरहसी थाना सीमावर्ती काश जंगल में हुई मुठभेड़ में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) का जोनल कमांडर मुखदेव यादव मारा गया। मुखदेव यादव पर झारखंड और बिहार में 26 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप था।
टीएसपीसी सुप्रीमो का था सबसे करीबी
पुलिस के अनुसार, मुखदेव टीएसपीसी सुप्रीमो शशिकांत गंझू का सबसे करीबी और भरोसेमंद कमांडर था। वह तीन सितंबर को केदल जंगल में हुई मुठभेड़ में भी शामिल था, जिसमें नक्सलियों की फायरिंग से दो जवान शहीद हो गए थे।
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अपने ही गढ़ में हुआ ढेर
मुखदेव यादव पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के मिटार गांव का रहने वाला था। यह वही इलाका है, जहां वह सबसे ज्यादा सक्रिय रहता था। उसकी मौत उसके घर से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हुई।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुखदेव यादव ने पुलिस के साथ छह से अधिक मुठभेड़ों में हिस्सा लिया था। वह लेवी वसूली और हथियारों की सप्लाई का काम करता था। इन घटनाओं में चार जवान शहीद हुए थे और एक हमले में एक आदिम जनजाति के परिवार के पिता-पुत्र की भी मौत हुई थी।
झारखंड – बिहार में कई मामलों में वांछित था मुखदेव
पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार मुखदेव पर झारखंड और बिहार में 26 से भी अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप था। वह आधा दर्जन से अधिक मुठभेड़ों में पुलिस से भिड़ चुका था। इन घटनाओं में अब तक चार जवान शहीद हो चुके थे, वहीं एक हमले में आदि जनजाति परिवार के पिता-पुत्र की भी मौत हुई थी।

