

Panki (Palamu, Jharkhand) : झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना रोड स्थित डॉ. एच.एन. झा के निजी क्लीनिक, सोमी सेवा सदन, में शनिवार की देर शाम एक दुखद घटना घटी। ऑपरेशन के बाद महिला मरीज पूनम देवी (पति-जितेंद्र भुइयां) की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।

ऑपरेशन के बाद ठीक नहीं हुआ जख्म, फिर वहीं कराया गया भर्ती
मृतका के परिजनों का आरोप है कि करीब एक महीने पहले डॉ. झा ने पूनम देवी का पेट का ऑपरेशन किया था। हालांकि, ऑपरेशन के बाद भी जख्म ठीक नहीं हुआ और इलाज जारी रहा। शनिवार को अचानक पूनम के पेट में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें दोबारा उसी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। परिजन बताते हैं कि डॉक्टर दूसरे ऑपरेशन की तैयारी कर रहे थे, तभी महिला की हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।

डॉक्टर पर लापरवाही छुपाने व गुमराह करने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद डॉक्टर ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की। उन्होंने एक गाड़ी मंगवाई और यह कहकर परिजनों को गुमराह करने का प्रयास किया कि महिला को बाहर ले जाकर इलाज करवाएं। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह देख परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। इसी बीच, डॉ. झा क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गए।

राजनीतिक हस्तक्षेप और जांच का आश्वासन
महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ पांकी-पांकी रोड पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पांकी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार प्रसाद, बीडीओ-सह-सीओ ललित प्रसाद सिंह, पुलिस निरीक्षक पूनम टोप्पो और थाना प्रभारी राजेश रंजन मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। अधिकारियों की मौजूदगी में क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
रविवार की सुबह भाजपा विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता ने मृतका के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और आरोपी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पांकी और आसपास के क्षेत्रों में बिना मान्यता वाले ‘झोलाछाप’ डॉक्टर भोले-भाले ग्रामीणों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इन पर तुरंत रोक लगाने की अपील की।
डॉक्टर के खिलाफ होगी कार्रवाई : सिविल सर्जन
मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और लापरवाह डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर सभी प्रखंडों में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो ‘झोलाछाप’ डॉक्टरों और सभी निजी क्लीनिकों की सूची तैयार करेगी। इसी सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने जनता से अपील करते हुए कहा कि किसी भी निजी क्लीनिक में इलाज कराने से पहले डॉक्टर और संस्था की मान्यता की जांच अवश्य करें।
