Hazaribag : हजारीबाग पुलिस ने संगठित अपराध पर बड़ी लगाम कसी है। कुख्यात पांडेय गिरोह के सात सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से एक देशी कट्टा, एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस (7.65 एमएम) और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार अपराधी जिले में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
गुप्त सूचना पर छापेमारी, जंगल में घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि चरही थाना क्षेत्र के इंद्रा जंगल में पांडेय गिरोह के अपराधी हथियारों के साथ जमा होकर किसी बड़ी घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल गठित किया गया।टीम ने जंगल में घेराबंदी कर अपराधियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान हथियार और मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पांडेय गिरोह के लिए काम करते हैं और जिले के कटकमसांडी, केरेडारी, चरही, बरकट्ठा सहित अन्य क्षेत्रों में रंगदारी, हत्या व अन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। सभी का पुराना आपराधिक इतिहास है और पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं।
पांडेय गिरोह का खौफनाक इतिहास
पांडेय गिरोह (भोला पांडेय-किशोर पांडेय गिरोह) झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय है। रामगढ़, हजारीबाग, पलामू व लातेहार में रंगदारी व गैंगवार के लिए कुख्यात यह गिरोह वर्तमान में हजारीबाग जेल में बंद सरगना विकास तिवारी के इशारे पर चल रहा है। विकास पर सुशील श्रीवास्तव हत्या समेत कई मामलों में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। जेल से ही वह गिरोह का संचालन करता है। हाल के वर्षों में गिरोह की गैंगवार में कई हत्याएं हुई हैं। पुलिस की यह कार्रवाई गिरोह को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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