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बच्चों में बढ़ रही पैरोटिड ग्लैंड की समस्या, लक्षण देख चिकित्सक भी हैरान

by The Photon News Desk
Parotitis
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हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर /Parotitis : झारखंड के जमशेदपुर में एक नई तरह की स्वास्थ्य समस्या देखी जा रही है, जिसे लेकर चिकित्सक भी हैरान है। दरअसल, यह बीमारी बच्चों में अधिक देखी जा रही है। ऐसे मरीजों की संख्या अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि इसकी जांच कराई जानी चाहिए जिससे पता चल सकेगा कि किस वायरस के कारण यह बीमारी तेजी से फैल रही है। वायरस की पहचान होने से आगे उसके अनुसार भी कदम उठाया जा सकता है।

Parotitis- यह लक्षण लेकर पहुंच रहे मरीज

शहर के अस्पतालों में बच्चे बुखार, उल्टी, सूखी खांसी, सिर दर्द, पैरोटिड ग्लैंड के दोनों ओर दर्द सहित अन्य समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इस दौरान जब कुछ मरीजों की जांच कराई गई तो उनकी एमाइलेज रिपोर्ट की रेंज 300 से अधिक पाई गई है। जबकि इसकी साधारण रेंज 20 से 90 के बीच होती है।

रिपोर्ट का काफी हाई रेंज देखकर चिकित्सकों का कहना है कि यह पूर्व की तरह कोई साधारण वायरस नहीं है। मरीजों की बढ़ती संख्या व उनकी स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बच्चों को कोई नया वायरस अपने चपेट में ले रहा है। चूंकि, वायरस का इतना हाई रेंज पहले नहीं देखा जाता था।

Parotitis- दवा नहीं कर रही काम

जमशेदपुर के जाने-माने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभोजित बनर्जी कहते हैं कि बच्चों में सूखी खांसी इतनी तेज हो रही है कि साधारण दवा भी काम नहीं कर रही है। करीब 15 दिनों तक बच्चों को खांसी हो रहा है। इसे देखते हुए उन्हें हाई डोज की दवा दी जा रही है। पहले ऐसा नहीं होता था। न तो इतनी संख्या में मरीज आते थे और न ही लंबे समय तक खांसी देखा जाता था। ऐसे में इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जांच करानी चाहिए ताकि बीमारी का कारण पता चल सके।

Parotitis- रोजाना 40 से अधिक पहुंच रहे मरीज

कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल, टाटा मोटर्स, टीएमएच सहित अन्य निजी नर्सिंग होमों का आंकड़ा देखा जाए तो इससे संबंधित रोजाना 40 से अधिक नए मरीज मिल रहे हैं। पहले इससे संबंधित इक्का-दुक्का मरीज ही पहुंचते थे लेकिन बीते एक सप्ताह में सिर्फ एमजीएम में 37 मरीज पहुंचे हैं, जो चिंता का विषय है।

Parotitis बीमारी क्या है?

जिस तरह के मामले लेकर बच्चे पहुंच रहे हैं उसे पैरोटाइटिस बीमारी कहा जाता है लेकिन इस बार मरीजों की बढ़ती संख्या व उनकी स्थिति देखकर चिकित्सकों ने कोई नया वायरस का अंदेशा जताया है। हालांकि, यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। पैरोटाइटिस में पैरोटिड ग्लैंड में सूजन आ जाती है। पैरोटिड ग्लैंड आपके चेहरे के किनारे, आपके कान और आपके जबड़े के बीच स्थित होती हैं। यह एक वायरल बीमारी है।

क्या कहते हैं चिकित्सक

महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. केके चौधरी कहते हैं कि इस बीमारी का लक्षण पैरोटाइटिस बीमारी से मिलता जुलता है। ऐसे में इसका वायरस का पता लगाना अति-आवश्यक है। चूंकि, अगर यह मम्स वायरस है तो फिर इससे मेनिनजाइटिस व पैंक्रियाज में इंफेक्शन बढ़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

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