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PM Awas Yojana : झारखंड के शहरी निकायों में लागू होगी पीएम आवास योजना-शहरी 2.0, 2029 तक ‘सबके लिए आवास’ का लक्ष्य

PM Awas Yojana : कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार

by Nikhil Kumar
PM Awas Yojana Urban 2.0 housing scheme to be implemented in urban areas of Jharkhand
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रांची : झारखंड के शहरी क्षेत्रों में गरीब और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस योजना को राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने के लिए मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।

दरअसल, 25 जून 2015 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सबके लिए आवास (शहरी)” की परिकल्पना के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की शुरुआत की थी। शहरीकरण की बढ़ती गति और नए शहरों-कस्बों के विस्तार को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2024 से 2029 तक के लिए पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 लागू करने का निर्णय लिया है।

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस मिशन का उद्देश्य शहरी गरीबों और विभिन्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

चार घटकों में आवास योजना का लाभ

  • योजना के तहत चार प्रमुख घटकों के माध्यम से लोगों को लाभ दिया जाएगा।
  • लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण
  • भागीदारी में किफायती आवास निर्माण
  • किफायती किराया आवास
  • ऋण संबंधी ब्याज सब्सिडी योजना
  • इनमें से ब्याज सब्सिडी योजना को छोड़कर बाकी योजनाएं केंद्र प्रायोजित स्कीम के रूप में लागू होंगी।

ये होंगे लाभार्थी

योजना के तहत लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल होंगे। ऐसे शहरी परिवार जिनके नाम पर देश में कहीं भी पक्का घर नहीं है, वे इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

आय वर्ग के आधार पर पात्रता भी तय की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार शामिल होंगे, जबकि निम्न आय वर्ग के लिए आय सीमा तीन से छह लाख रुपये और मध्यम आय वर्ग के लिए छह से नौ लाख रुपये वार्षिक आय निर्धारित की गई है।

योजना में विधवाओं, एकल महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर और वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही अविवाहित वयस्क कमाने वाले सदस्य भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण शहरों में किफायती आवास की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस मिशन के माध्यम से राज्य में “सबके लिए आवास” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।

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