सेंट्रल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश में बढ़ते मोटापे पर चिंता जताई और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए एक अनोखा चैलेंज शुरू किया है। पीएम मोदी ने खाने में 10% तेल की खपत कम करने का संदेश दिया और इस मुहिम को और व्यापक बनाने के लिए 10 प्रसिद्ध व्यक्तियों को नॉमिनेट किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इससे निपटने के लिए हमें छोटे-छोटे बदलाव करने की जरूरत है। खाने में तेल की मात्रा कम करना इसी दिशा में एक कारगर कदम हो सकता है। पीएम मोदी ने बताया कि हर 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे से जूझ रहा है और यह समस्या बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है।
पीएम मोदी ने इन 10 हस्तियों को दिया चैलेंज
आनंद महिंद्रा – महिंद्रा समूह के चेयरमैन
दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ – भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद
मनु भाकर – युवा शूटर और ओलंपियन
मीराबाई चानू – वेटलिफ्टिंग चैंपियन
मोहनलाल – मलयालम फिल्म अभिनेता
नंदन नीलेकणी – इंफोसिस के सह-संस्थापक
उमर अब्दुल्ला – जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री
आर माधवन – अभिनेता और निर्माता
श्रेया घोषाल – प्रसिद्ध गायिका
सुधा मूर्ति – लेखिका और समाजसेवी
प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी से आग्रह किया है कि वे इस चैलेंज को स्वीकार कर खाने में तेल की खपत 10% कम करें और इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए 10 और लोगों को नॉमिनेट करें।सोशल मीडिया पर भी दिया संदेशपीएम मोदी ने ‘एक्स’ (Twitter) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मोटापे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और भोजन में तेल की खपत को कम करने के लिए मैं इन 10 लोगों को नामांकित करता हूं। उम्मीद है, यह अभियान लोगों को स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
”मोटापे पर alarming डेटा
:WHO के अनुसार, 2022 में दुनियाभर में 250 करोड़ लोग ओवरवेट थे।बच्चों में मोटापे की समस्या 4 गुना तक बढ़ चुकी है।भारत को खाद्य तेलों की कुल जरूरत का 57% हिस्सा आयात करना पड़ता है।नीरज चोपड़ा, निखत जरीन और डॉक्टर देवी शेट्टी का समर्थन‘मन की बात’ कार्यक्रम में ओलंपियन नीरज चोपड़ा, दो बार की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन निखत जरीन और प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर देवी शेट्टी ने भी अपने संदेश साझा किए और इस अभियान का समर्थन किया।
स्वस्थ भारत की दिशा में एक कदम
प्रधानमंत्री मोदी का यह चैलेंज न केवल मोटापे जैसी गंभीर समस्या से निपटने में मदद करेगा, बल्कि लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे खाने में तेल की खपत घटाना, बड़े स्तर पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं।

