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पीएम मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया आइआइटी का 14 मंजिला इको फ्रेंडली एक्वामरीन हास्टल

by Rakesh Pandey
पीएम मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया आइआइटी का 14 मंजिला इको फ्रेंडली एक्वामरीन हास्टल
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धनबाद। एक्वामरीन। नाम से ही अहसास होता है कि इस शब्द का संबंध किसी न किसी तरह मछली से जरूर है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को धनबाद स्थित आइआइटी आइएसएम में बने नवनिर्मित ब्वायज हॉस्टल एक्वामरीन का विधिवत आनलाइन उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री के आइआइटी आइएसएम का नाम लेते ही यहां के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में बैठा हर शख्स खुशी से झूम उठा। पीएम ने इस हॉस्टल राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही बुधवार का दिन आइआइटी आइएसएम के छात्रों और 350 से अधिक फैकल्टी के लिए ऐतिहासिक बन गया।

192 करोड़ की लागत, मछली जैसा है हास्टल का आकार
यह दो हजार बेड का ब्वॉयज छात्रावास आइएसएम का अबतक का सबसे बड़ा हास्टल है। इस नवनिर्मित हास्टल की संरचना मछली के आकार जैसी है। आइआइटी आइएसएम के नवनिर्मित ब्वायज हास्टल का निर्माण 192 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। यह हास्टल जी प्लस 14 फ्लोर का है। इन सभी 14 फ्लोर तक आनेजाने की सुविधा के लिए 16 लिफ्ट लगी हुई हैं।

मछली की पूंछ की तरह है कमरों की आकृति
इस विशाल हॉस्टल में कुल एक हजार कमरे तैयार किए गए हैं जिनका आकार मछली की पूंछ की तरह है। इसमें दो हजार छात्रों की रहने की क्षमता है। मेस इतना बड़ा बनाया गया है कि एक साथ तीन हजार छात्र बैठकर भोजन कर सकते हैं। कुल 64 हजार स्क्वायर मीटर में इस हास्टल का निर्माण किया गया है। हास्टल में वाईफाई की सुविधा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया गया है।

किसी न किसी रत्न पर हैं हॉस्टलों के नाम
सबसे अहम यह है कि जितने भी हास्टल हैं उनके नाम किसी न किसी रत्न पर रखे गए हैं। छात्रों के लिए 11 हास्टल की सुविधा प्रदान की गई है। इनमें अंबर, डायमंड, एमराल्ड, इंटरनेशनल, जैस्पर, ओपल, रोजलीन, रूबी, सफायर, टोपाज और नवनिर्मित दो हजार क्षमता का ब्वायज हास्टल शामिल है। आइआइटी आइएसएम में बीटेक, एमटेक, जेआरएफ समेत अन्य ब्रांचों के छात्रों की संख्या 7034 से अधिक है। संस्थान के 364 से अधिक फैकल्टी इन्हें शिक्षा-दीक्षा प्रदान कर रहे हैं।

इको फ्रेंडली है हॉस्टल, फ्लाई ऐश का किया गया है प्रयोग

यह हॉस्टल इको फ्रेंडली है और इसे बनाने में फ्लाई ऐश ईंटों का प्रयोग किया गया है। आइआइटी आइएसएम की ओर से भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यकम में संस्थान के उपनिदेशक प्रो धीरज कुमार और डीन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हुए। संस्थान के गोल्डन जुबली लेक्चर थिएटर में कार्यकारी निदेशक प्रो जेके पटनायक, डीन कॉरपोरेट कम्युनिकेशन डा रजनी सिंह, डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो बॉबी एंटनी, प्रो एमके सिंह उपस्थित रहे। 2014 में हॉस्टल बनना शुरू हुआ था जुलाई 2023 में बनकर तैयार हुआ। इस हॉस्टल में द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के छात्र रहेंगे।

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