Jamshedpur : आदित्यपुर नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के चुनाव के बाद विवाद गहराता जा रहा है। चुनाव में एक वोट से जीत हासिल करने वाले अंकुर सिंह के खिलाफ अब उनकी प्रतिद्वंदी अर्चना सिंह अदालत जाने की तैयारी कर रही हैं। अर्चना सिंह ने मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कई पार्षदों के साथ मिलकर चुनाव परिणाम को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। इस मामले की राज्य निर्वाचन आयोग और सरायकेला डीसी को शिकायत कर दी गई है।
अर्चना सिंह का कहना है कि उनके साथ 20 पार्षद हैं। उनका दावा है कि उन्होंने डीसी के सामने सभी 20 पार्षदों की परेड करा दी है। सभी 20 पार्षदों ने दस्तखत कर अंकुर सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का भी बात कही है। ऐसा अर्चना सिंह का दावा है।
कहा जा रहा है कि अर्चना सिंह अपने समर्थक पार्षदों के साथ जल्द ही अदालत में याचिका दाखिल कर सकती हैं। इस घटनाक्रम के बाद आदित्यपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और चुनाव परिणाम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
एक वोट से हुई जीत-हार
डिप्टी मेयर पद के लिए हुए चुनाव में मुकाबला बेहद कांटे का रहा। मतगणना के बाद घोषित परिणाम के अनुसार अंकुर सिंह को 18 वोट मिले, जबकि अर्चना सिंह को 17 वोट प्राप्त हुए। इस तरह अंकुर सिंह ने मात्र एक वोट के अंतर से जीत दर्ज कर डिप्टी मेयर का पद हासिल किया।
मतदान प्रक्रिया पर उठे सवाल
चुनाव परिणाम आने के बाद कई पार्षदों ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मतदान के दौरान कुछ तकनीकी और प्रक्रियागत गड़बड़ियां हुईं, जिससे कुछ पार्षदों को अपने मताधिकार का सही तरीके से उपयोग करने में दिक्कत हुई।
चंपाई सोरेन भी हुए सक्रिय
इस मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक चंपाई सोरेन भी सक्रिय नजर आए। वे उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अर्चना सिंह के समर्थन में 19 पार्षदों के होने का दावा किया। इसके बाद से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
कोर्ट में होगी कानूनी लड़ाई
अर्चना सिंह का दावा है कि उनके साथ करीब 20 पार्षदों का समर्थन है। ऐसे में वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं।
फिलहाल आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है और अब सभी की नजर इस मामले में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

