
RANCHI: झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रांची के रातू क्षेत्र में युवा उद्यमियों द्वारा संचालित अत्याधुनिक मत्स्य परियोजना का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना में उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीकों, बायोफ्लॉक टैंक, हैचरी, फीड प्लांट और एकीकृत मत्स्य मॉडल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य मत्स्य उत्पादन को बढ़ाकर झारखंड को आत्मनिर्भर बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने किंग फिशरीज द्वारा विकसित नवाचार आधारित मॉडल की सराहना की। साथ ही कहा कि तकनीक और नवाचार से मछली पालन को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित किया जा सकता है।
फिश मार्केट शेड योजना होगी लागू
मंत्री ने कहा कि राज्य में मत्स्य उत्पादन वर्ष 2025-26 में लगभग 3.81 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है और मत्स्य बीज उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चांडिल, मैथन, तेनुघाट, कोनार, मसानजोर और तिलैया डैम में केज कल्चर के माध्यम से उत्पादन में योगदान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है। फिश मार्केट शेड योजना के माध्यम से उत्पादकों को बेहतर बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। शिल्पी नेहा तिर्की ने आशा व्यक्त की कि युवाओं की सहभागिता और तकनीकी सहयोग से झारखंड आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादन राज्यों में शामिल होगा। इस अवसर पर निदेशक मत्स्य अमरेंद्र कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

