रांची : ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर झारखंड में मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन आधारित नई व्यवस्था लागू की जा रही है। हालांकि राज्य में यह प्रणाली अभी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाई है। मनरेगा कर्मियों की जारी हड़ताल के कारण कई जिलों में इसका संचालन और विस्तार प्रभावित हो गया है।
महात्मा गांधी नरेगा कार्यालय की ओर से सभी जिलों को निर्देश जारी कर राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली एप के जरिए मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने को कहा गया था। नई व्यवस्था के तहत मजदूरों को कार्यस्थल पर मौजूद रहकर चेहरे का सत्यापन कराना होगा। ऑनलाइन सत्यापन सफल होने के बाद ही उनकी उपस्थिति मान्य होगी और उसी आधार पर मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मनरेगा के बदले स्वरूप ‘वीबी जी राम जी’ में इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा। इसके तहत जॉब कार्ड का सत्यापन और नवीकरण भी किया जाएगा।
फर्जी हाजिरी रोकने की तैयारी
सरकार का मानना है कि चेहरे के सत्यापन वाली व्यवस्था लागू होने से फर्जी उपस्थिति, फर्जी जॉब कार्ड और अनियमित भुगतान पर रोक लगेगी। इससे वास्तविक मजदूरों को पारदर्शी तरीके से मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद मनरेगा आयुक्त ने सभी उपायुक्तों और उप विकास आयुक्तों को पत्र भेज था, जिसमें पंजीकृत एवं सक्रिय मजदूरों का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कराने को कहा गया है। इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फिलहाल पायलट परियोजना समूह में लागू
राज्य में अभी यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हुई है। फिलहाल कुछ पंचायतों और चयनित कार्यस्थलों के पायलट परियोजना समूह में इसे शुरू किया गया है। वहां मजदूरों की उपस्थिति मोबाइल एप के माध्यम से चेहरे के सत्यापन के जरिए दर्ज की जा रही है।
लेकिन मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के कारण कई जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने, सत्यापन और तकनीकी निगरानी का काम प्रभावित हो रहा है। विभागीय स्तर पर माना जा रहा है कि हड़ताल समाप्त होने के बाद ही इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकेगा।
तकनीकी दिक्कत होने पर मिलेगी छूट
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मजदूरों की उपस्थिति तकनीकी कारणों से दर्ज नहीं हो पाएगी, उन्हें केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार राहत दी जाएगी। नेटवर्क समस्या, मोबाइल उपलब्ध नहीं होने या तकनीकी त्रुटि की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था लागू रहेगी, ताकि मजदूरों का भुगतान प्रभावित न हो।
क्या है चेहरे के सत्यापन की व्यवस्था
-मजदूरों की उपस्थिति अब मोबाइल एप से दर्ज होगी
-कार्यस्थल पर फोटो और चेहरे के मिलान से सत्यापन होगा
-ऑनलाइन रिकॉर्ड सीधे पोर्टल पर अपलोड होगा
-सत्यापन के बाद ही मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
-फर्जी हाजिरी और भुगतान गड़बड़ी रोकने का दावा
विभाग का दावा
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई प्रणाली लागू होने से मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित होगी और मजदूरी भुगतान प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी। हालांकि इसके सफल संचालन के लिए तकनीकी संसाधन, नेटवर्क व्यवस्था और कर्मियों की उपलब्धता को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।

