नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों पर गहन चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए व्यापक बातचीत हुई है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के पांच दिवसीय दौरे की शुरुआत रविवार को की थी और इस यात्रा के दौरान उनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करना है। बैठक से पहले, लक्सन ने भारत की यात्रा के दौरान राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर जोर
मुलाकात में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों के बीच व्यापार विस्तार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। लक्सन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच अपार संभावनाएं हैं, खासकर व्यापारिक दृष्टिकोण से, जो न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में और वृद्धि की उम्मीद है, खासकर दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए।
इसके अलावा, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के नेताओं ने एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भारत और न्यूजीलैंड अपने साझा हितों को और सुदृढ़ कर सकें।
भारतीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन ने इस दौरान भारतीय समुदाय की भूमिका को भी सराहा, जो न्यूजीलैंड में तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह है। इसके अलावा, भारतीय समुदाय का योगदान वहां के अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के नामांकन में भी महत्वपूर्ण है। लक्सन ने बताया कि भारतीय समुदाय की अहम भूमिका दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती देने में मदद कर रही है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात
अपने भारत दौरे के दौरान, क्रिस्टोफर लक्सन ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई। इसके अलावा, लक्सन ने भू-राजनीतिक और भू-अर्थशास्त्र पर भारत के प्रमुख सम्मेलन, रायसीना डायलॉग में भी भाग लिया। इस सम्मेलन में वह मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता हैं, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।

