Chaibasa Naxal News : चाईबासा : सारंडा के जराईकेला थाना क्षेत्र बहदा–कुमडीह गांव के बीच जंगल में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 2.15 करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली पातीराम मांझी उर्फ अनल दा सहित 15 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं।पुलिस ने मारे गए नक्सलियों में से 11 की पहचान कर ली है। मारे गए चार अन्य नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। इनकी पहचान की कोशिश चल रही है। पुलिस और नकस्लियों के बीच सुबह 6:20 बजे से मुठभेड़ शुरू हुई जो तीन बजे तक चली।
यह मुठभेड़ झारखंड के पुलिस महानिदेशक और सीआरपीएफ के महानिदेशक के संयुक्त नेतृत्व में किरीबुरू थाना क्षेत्र में चल रहे अभियान ‘ मेघाबुरु’ के तहत चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई है। पुलिस और नक्सलियों के बीच कई बार मुठभेड़ हुई। इसमें सुरक्षा बलों 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की टीम शामिल थी। नक्सलियों ने पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिए अंधाधुंध फायरिंग की। जवाब में सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं, जिसमें 15 नक्सली ढेर कर दिए गए।

मुठभेड़ में मारे गए इन नक्सलियों की हुई पहचान
मारे गए नक्सलियों में 2.15 करोड़ का इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी (CCM) है। इस पर कुल 2.15 करोड़ का इनाम था। यह 149 कांडों में वांछित था। अनमोल उर्फ सुशांत (BJSAC) भी मारा गया है। इस पर कुल 90 लाख का इनाम था। यह 149 कांड में वांछित था। अमित मुण्डा (RCM) भी मुठभेड़ में ढ़ेर हुआ है। इस पर कुल 62 लाख का इनाम था। यह 96 कांड में वांछित था। पिन्टु लोहरा एवं लालजीत भी मारे गए हैं। इन दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। राजेश मुण्डा भी मारा गया है। इसके अलावा, पांच महिला नक्सली भी मारी गई हैं। मारी गई महिला नक्सलियों में-बुलबुल, बबिता, पुर्णिमा, सुरजमुनी और जोंगा की भी पहचान की गई है।
कौन हैं 2.15 करोड़ का नक्सली अनल दा
अनल दा मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले का रहने वाला बताया जाता है। वह बीते दो दशकों से नक्सली आंदोलन से जुड़ा है। संगठन के शीर्ष रणनीतिकारों में उसकी गिनती होती थी। गिरिडीह से लेकर बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम तक उसका नेटवर्क फैला हुआ था। सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली पकड़ मजबूत करने में उसकी अहम भूमिका मानी जाती रही है।
मारे गए नक्सलियों का ब्योरा
इनकी हुई पहचान
1. अनल उर्फ पतिराम माझी -1 करोड़ इनामी (झारखंड), 1 करोड़ 20 लाख इनामी (ओडिशा), 15 लाख इनामी. (कुल कांड-149), ग्राम- झरहा, थाना-पीरटांड़, जिला-गिरिडीह, झारखंड।
2. अनमोल उर्फ सुशांत -25 लाख इनामी (झारखंड), 65 लाख इनामी (ओडिशा), (कुल कांड-149) पता- ग्राम बंसी टोला, थाना नावाडीह, जिला बोकारो, झारखंड।
3. अमित मुंडा -15 लाख इनामी (झारखंड), 43 लाख इनामी (ओडिशा), 04 लाख इनामी (एनआईए), (कुल कांड-96), पता- ग्राम तमराना, थाना तमाड़, जिला-रांची।
4. पिंटू लोहरा -05 लाख इनामी (झारखंड) (कुल कांड-47), पता-बारीसालडीह, थाना सोनाहातू जिला रांची, झारखंड।
5. लालजीत उर्फ लालु -05 लाख इनामी (झारखंड), पता-धारणादिरी, थाना- किरीबुरू, जिला-चाईबासा ।
6. राजेश मुंडा (ACM), (कुल कांड-14), पता-ग्राम माईलपिड़ी, थाना अड़की, जिला-खूँटी।7. बुलबुल आलदा (ACM). (कुल कांड-08), पता-ग्राम ईलीगढ़ा, थाना तांतनगर, जिला चाईबासा ।
8. बबिता , (कुल कांड-16), पता-कोर्रा, थाना कुचाई, जिला. सरायकेला-खरसावां।
9. पुर्णिमा. (कुल कांड-05). पता-ईचागोडा, थाना गोईकेरा, जिला चाईबासा ।
10. सूरजमुनी (Cadre)-
11. जोंगा – (कुल कांड-01), पता-बोईपाई ससांग, थाना गोईलकेरा, जिला चाईबासा ।
सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट जैसे संगीन मामले
अनल दा पर झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसके खिलाफ सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट, लेवी वसूली और ठेकेदारों को धमकाने जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे।
नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता
22 जनवरी की मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी कार्रवाई है। 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर ने संगठन की कमर तोड़ी है। अगर अनल दा की मौत की पुष्टि होती है तो नक्सली नेटवर्क के लिए गहरा झटका साबित होगा। जवाब के इंतजार में सारंडा फिलहाल सारंडा का जंगल कई सवालों का गवाह बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ उसी बड़े ऑपरेशन का हिस्सा हो सकता है, जिसकी आशंका पहले से जताई जा रही थी। नक्सलियों के मारे जाने की खबरों से यह चर्चा तेज हो गई है कि सारंडा जंगल से नक्सलियों के सफाए की दिशा में सुरक्षा बल निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं।
जहां एक ओर छत्तीसगढ़ जैसे इलाकों में नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं सारंडा क्षेत्र में अब तक आत्मसमर्पण को लेकर नक्सलियों की ओर से कोई पहल नहीं देखी गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी लक्ष्य के तहत सारंडा क्षेत्र में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं।
अनलदा के दस्ते ने सबसे ज्यादा पहुंचाया नुकसान
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 से अबतक चाईबासा के कोल्हान के सारंडा जंगली क्षेत्र में माओवादियों द्वारा किए गए विस्फोट एवं हिंसात्मक कार्रवाई में सुरक्षा बलों के हुए नुकसान में मुख्य उग्रवादी दस्ता के शीर्ष अनल उर्फ पतिराम माझी का मुख्य योगदान रहा है। इस अभियान से माओवादी की कमर टूट गई है। झारखंड पुलिस अपील करती है कि शेष बचे उग्रवादी आत्मसमर्पण कर झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।
एक करोड़ के दो नक्सली बच गए
सुरक्षाबलों को सारंडा वनक्षेत्र में नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है, क्योंकि यहां मौजूद प्रमुख नक्सली सरगना में अब मिसिर बेसरा व आकाश ही बच गए हैं। इन पर भी झारखंड सरकार ने एक करोड़ का इनाम रखा है। सर्च अभियान अभी जारी है। अग्रतर कार्रवाई की जानकारी अभियान के पश्चात अलग से दी जाएगी।
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