छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र स्थित सोरनामाल जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच एक जोरदार मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में डीआरजी, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने मिलकर तीन नक्सलियों को मार गिराया। सुरक्षाबलों ने इस अभियान को खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया था, और इसे सफल बनाने के लिए करीब 300 जवानों की एक टीम ने घेराबंदी की। ओडिशा के नवरंगपुर से भी सुरक्षाबलों ने मौके पर पहुंचकर नक्सलियों को पूरी तरह से घेर लिया था।
नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन का महत्वपूर्ण कदम
यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ऑपरेशनों के बीच एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की है। सुरक्षाबलों का यह अभियान पहले से ही जारी था और उनका लक्ष्य नक्सलियों को पूरी तरह से सफाया करना है।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई
यह ऑपरेशन पिछले साल नवंबर में सुकमा जिले में हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए व्यापक अभियान का हिस्सा है, जब 10 नक्सलियों को ढेर किया गया था। तब सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए थे, जिसमें एक एके-47 राइफल, एक इंसास-1 और एक एसएलआर शामिल था।
नक्सलवाद का खात्मा जल्द होने की उम्मीद
हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में केंद्रीय मंत्री ने 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे की बात कही थी। इसके बाद से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशनों में तेजी आई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, जनवरी 2024 से नवंबर 2024 तक सुरक्षाबलों ने 257 नक्सलियों को मार गिराया, 861 को गिरफ्तार किया और 789 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटे। यह आंकड़े नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में सफलता को दर्शाते हैं। 2010 में नक्सलवाद के कारण हुई 1005 मौतों के मुकाबले 2024 तक यह आंकड़ा 96 प्रतिशत तक घटकर 100 के आसपास आ गया है।
सुरक्षा ग्रिड का विस्तार
नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने अपनी पैठ को और मजबूत किया है। 2019 से अब तक, सुरक्षा ग्रिड के विस्तार के तहत 279 नए कैंपों की स्थापना की जा चुकी है। इन कैंपों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति को बेहतर किया है और नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशनों को और प्रभावी बनाया है।
छत्तीसगढ़ में चल रहे इन अभियान और सुरक्षा उपायों से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नक्सलवाद पर पूरी तरह काबू पाया जा सकेगा। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही मिलकर इस दिशा में सख्त कदम उठा रहे हैं, ताकि नक्सलवाद का सफाया किया जा सके और राज्य में शांति स्थापित की जा सके।

