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Jharkhand police : गवाही से भागने वाले पुलिस अफसरों की अब खैर नहीं, जोनल आईजी सख्त

* Police witness absence : पलामू जोन के आईजी सुनील भास्कर ने अब मुकदमों में गवाही नहीं देने वाले या अभियोजन को हल्के में लेने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। आईजी ने यह भी निर्देश दिया है कि संबंधित जिला पुलिस द्वारा हर महीने कम से कम छह मुकदमों में अपील जरूर की जाए...

by Anand Mishra
Zonal IG Sunil Bhaskar
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Palamu (Jharkhand) : पलामू जोन के आईजी सुनील भास्कर ने पुलिस कार्यशैली में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब मुकदमों में गवाही नहीं देने वाले या अभियोजन को हल्के में लेने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। आईजी ने यह भी निर्देश दिया है कि संबंधित जिला पुलिस द्वारा हर महीने कम से कम छह मुकदमों में अपील जरूर की जाए।

उच्चस्तरीय बैठक में लंबित मुकदमों और गवाही की समीक्षा

बुधवार शाम को मेदिनीनगर में जोनल आईजी सुनील भास्कर ने पलामू रेंज के डीआईजी नौशाद आलम, पलामू एसपी रीष्मा रमेशन, गढ़वा एसपी अमन कुमार और लातेहार एसपी कुमार गौरव के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में तीनों जिलों में लंबित पड़े मुकदमों, ट्रायल में असफल रहे मामलों और अदालतों में पुलिस की गवाही की वर्तमान स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

ट्रायल में फेल मामलों को अपील में भेजने का निर्देश

बैठक के दौरान आईजी सुनील भास्कर ने तीनों जिलों के एसपी को सख्त निर्देश दिए कि पलामू, गढ़वा और लातेहार प्रत्येक जिले को हर महीने कम से कम दो ऐसे मुकदमों को चिन्हित करना होगा, जिनका ट्रायल किन्हीं कारणों से असफल रहा हो। उन्होंने कहा कि ऐसे चिन्हित मामलों की विवेचना, उनमें प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों की स्थिति की दोबारा बारीकी से समीक्षा की जाएगी। इसके बाद इन मुकदमों को उच्च न्यायालय में अपील के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोषियों को उनके किए की सजा अवश्य मिले।

गवाही में लापरवाही पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी

आईजी भास्कर ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि कई महत्वपूर्ण मुकदमे इसलिए कमजोर पड़ जाते हैं क्योंकि संबंधित पुलिस अफसर समय पर कोर्ट में गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं होते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब इस तरह की किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लापरवाह अफसरों के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गवाही से बचने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राजमार्गों पर हादसों को रोकने के लिए नई पहल

इस समीक्षा बैठक में सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताई गई। इन हादसों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह तय किया गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले हाइवा, ट्रक और अन्य सभी भारी वाहनों के चालकों की नियमित रूप से ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जाएगी, ताकि नशे की हालत में ड्राइविंग करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त, सभी रोलिंग बैरियर पर पुलिस का लोगो लगाने का भी निर्णय लिया गया, जिससे उनकी दृश्यता बढ़ेगी और राजमार्गों पर वाहन चलाने वाले चालक सतर्क रहेंगे। आईजी ने ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे पोर्टल पर सभी नवीनतम जानकारी समय पर अपलोड करें, ताकि केस ट्रैकिंग में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।

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