पॉलिटिकल डेस्क : राम मंदिर के जश्न के बीच बिहार में सत्तारूढ़ जदयू को बड़ा झटका लगा है। जदयू के तेजतर्रार माने जाने वाले प्रवक्ता और पटना के चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार सिंह (Sunil Kumar Singh Resign) ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि यह जदयू के लिए बड़े झटके से कम नहीं है। हालांकि, उनके इस्तीफे से पहले भी जदयू से कई लोग इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं की ओर से कहा जा रहा है कि जदयू में भगदड़ मचने वाली है।
जदयू का लगातार साथ छोड़ रहे हैं नेता (Sunil Kumar Singh Resign)
बिहार में जदयू के नेता और प्रवक्ता सुनील सिंह ने पार्टी की दामन छोड़ने की घोषणा कर दी। इसके लिए उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को पत्र लिखकर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही। सुनील सिंह ने साफ कहा कि आज जब पूरा देश और दुनिया भक्ति के रंग में डूबी है, तो ऐसे निर्णय के लिए इससे ज्यादा शुभ वक्त और क्या हो सकता था।
हालांकि, नीतीश कुमार की पार्टी के लिए यह नई बात नहीं है। लगातार उनकी पार्टी के नेता जदयू का दामन छोड़ रहे हैं। ऐसे में इन नेताओं की लिस्ट लंबी हो गई है। जदयू के प्रवक्ता ने इस्तीफा देते हुए कहा कि आज पूरा भारतवर्ष राममय है। जय श्री राम के उद्घोष से, गीत-संगीत से सर्वत्र हर्षोल्लास है। जिनके नाम के जयकारे मात्र से हम भारतवासी स्वयं को धन्य अनुभव कर रहे हैं। मैं अकिंचन भी उन प्रभु श्री राम के समक्ष नतमस्तक हूं।
श्रीराम के लिए JDU प्रवक्ता का इस्तीफा
उन्होंने आगे कहा कि आज के पावन दिन प्रभु श्री राम जी के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके आदेश से मैं अपनी जदयू की प्राथमिक सदस्यता एवं प्रवक्ता पद से त्यागपत्र को सार्वजनिक करता हूं। आगे कर्तव्य पथ का दिशा-निर्देश प्रभु श्री राम करेंगे। उन्होंने अपने इस्तीफा पत्र में यह भी कहा कि पार्टी के सर्वमान्य नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह, पूर्व बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह जी (दादा) के मार्गदर्शन में काम करने का और बहुत कुछ सीखने का मौका मिला।
भाजपा में शामिल होने के कयास
सुनील कुमार के इस्तीफा देने के बाद अब इसकी चर्चा शुरू हो गई है कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, भाजपा में शामिल होने को लेकर अभी सुनील कुमार सिंह ने कोई बयान नहीं दिया है। विपक्ष दावा कर रहा है कि जदयू से दूर जाने वाले नेताओं की संख्या लोकसभा चुनाव से पहले और भी बड़ी हो सकती है। इसको लेकर नीतीश के बेहद करीबी रहे और अभी उनसे अलग होकर आरएलजेडी का गठन कर चुके उपेंद्र कुशवाहा ने भी दावा किया था कि जदयू में भगदड़ मचने वाली है।

