रांची : धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान को लेकर झारखंड पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने उसे आतंकी घोषित करने की सिफारिश की है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी और दर्ज मामलों के आधार पर यह प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। अब यह मामला राज्य सरकार के गृह विभाग से होते हुए केंद्र सरकार तक पहुंचेगा।
खुफिया इनपुट के बाद तेज हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने झारखंड पुलिस को जानकारी दी है कि प्रिंस खान ने दुबई में दबाव बढ़ने के बाद पाकिस्तान का रुख किया। आरोप है कि वहां उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से संपर्क साधा। एजेंसियों का दावा है कि वह पाकिस्तान में बैठकर झारखंड समेत देश के अन्य हिस्सों में आपराधिक गतिविधियों का नेटवर्क संचालित कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में ये तथ्य पुष्ट होते हैं, तो यह मामला केवल संगठित अपराध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ जाएगा।
125 से अधिक मामले, रंगदारी का आरोप
प्रिंस खान के खिलाफ झारखंड के विभिन्न थानों में 125 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर कारोबारियों से रंगदारी मांगने, धमकी देने और संगठित अपराध गिरोह चलाने के आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि विदेश में रहते हुए भी वह डिजिटल माध्यमों और सहयोगियों के जरिए नेटवर्क संचालित कर रहा था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि उसका आपराधिक साम्राज्य केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से भी जुड़ा हो सकता है।
रेड कॉर्नर नोटिस और पासपोर्ट रद्द
झारखंड एटीएस की अनुशंसा पर सीबीआई के माध्यम से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। उसकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी की गई है।
रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद इंटरपोल के जरिए उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है। इससे उसके विदेश में छिपे रहने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया
धनबाद पुलिस ने पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। इसके बाद यह प्रस्ताव राज्य सरकार के गृह विभाग के पास जाएगा। वहां से अनुमोदन के बाद मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र स्तर पर समीक्षा के बाद किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अंतिम निर्णय लिया जाता है।
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और खुफिया रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बहुस्तरीय जांच जारी है और एजेंसियां उसके नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।

