पलामू : झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए रेल मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल नई ट्रेन संख्या 14021/14022 शुरु करने के लिए हरी झंडी मिल गई है। यह नई रेल सेवा झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। इससे क्षेत्र के लाखों यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने की संभावना है।

जानें किन-किन स्टेशनों से गुजरेगी
बताया गया है कि यह ट्रेन पुरुलिया से प्रस्थान कर रांची, लोहरदगा, टोरी, बरवाडीह, लातेहार, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, जपला और डेहरी ऑन सोन होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पहुंचेगी। इसके बाद यह वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ से होकर आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) तक जाएगी।
यह मार्ग झारखंड के आंतरिक रेलखंडों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और चिकित्सा केंद्रों से जोड़ेगा। रांची और पलामू प्रमंडल के यात्रियों के लिए यह रूट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
नई ट्रेन सेवा से पलामू और गढ़वा जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अयोध्या धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को अब सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल तक सीधी पहुंच से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ संपर्क मजबूत होगा। इससे शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
सांसद की पहल के बाद मिली स्वीकृति
पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने इस ट्रेन के परिचालन की मांग को संसद और रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार उठाया था। उन्होंने लोकसभा में विषय रखा, रेल मंत्रालय को लिखित और मौखिक ज्ञापन सौंपे तथा मंडल और जोन स्तर की बैठकों में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा। रेल मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्रीय आवश्यकता और जनभावनाओं की जानकारी दी गई थी। सांसद ने बताया कि जल्द ही इस ट्रेन सेवा के शुभारंभ को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
लंबे समय से थी मांग
झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र की पुरानी मांग पूरी होने के रूप में देखा है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर सीधी ट्रेन की आवश्यकता को लेकर नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा था। दिसंबर माह में रेल मंत्री से मुलाकात के दौरान इस प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत मिले थे।

