Jamshedpur : संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित ऑल इंडिया हड़ताल का असर झारखंड के जमशेदपुर में भी साफ तौर पर देखने को मिला। विभिन्न यूनियनों से जुड़े सदस्य केंद्र सरकार की कथित कॉरपोरेट समर्थक और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान डीसी ऑफिस और जुबली पार्क गेट के के सामने की सड़क जाम हो गई।
इससे आवागमन अवरुद्ध हो गया।शहर में मेडिकल और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव भी एकदिवसीय हैं। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय गेट के समक्ष धरना दिया और कुछ समय के लिए मुख्य सड़क को जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।यूनियन नेताओं ने इल्ज़ाम लगाया कि केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं।
इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 1976 में लागू सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एक्ट को खत्म कर दिया गया है, जो मेडिकल और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के लिए एकमात्र विशेष कानून था। इसके समाप्त होने से इस वर्ग के कर्मचारियों के हित प्रभावित हुए हैं।यूनियन का दावा है कि नए लेबर कोड के तहत न्यूनतम मजदूरी, कार्य के घंटे और स्थायी रोजगार की व्यवस्था कमजोर हुई है, जबकि फिक्स्ड टर्म रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंपनियों द्वारा तय किए जाने वाले टारगेट और कार्यप्रणाली पर सरकारी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कर्मचारियों के हितों की हिफाजत हो सके। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।

