
Ranchi : झारखंड के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण रांची सदर अस्पताल में देखने को मिला, जहां सर्जरी विभाग की टीम ने एक बेहद जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 1.45 किलोग्राम वजनी विशाल तिल्ली (स्प्लीन) को लैप्रोस्कोपिक तकनीक से निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। खास बात यह रही कि पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया गया।
वर्षों से पेट दर्द और कमजोरी से थी परेशान
बुंडू प्रखंड के आनेडीह गांव निवासी सुलोचना देवी लंबे समय से पेट दर्द, पेट में भारीपन और अत्यधिक कमजोरी की समस्या से जूझ रही थीं। बीमारी के कारण उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया था। परिवार ने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन बीमारी का सही कारण सामने नहीं आ सका। कुछ जगहों पर खून की गंभीर बीमारी और कैंसर जैसी आशंका भी जताई गई, जिससे परिवार चिंता में था।
15 जून को हुई चुनौतीपूर्ण लैप्रोस्कोपिक सर्जरी
15 जून 2026 को रांची सदर अस्पताल के सर्जरी विभाग ने आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक की मदद से मरीज का सफल ऑपरेशन किया। इतनी बड़ी तिल्ली को दूरबीन विधि से निकालना चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद निकाली गई तिल्ली का वजन 1.45 किलोग्राम और आकार 18×16 सेंटीमीटर पाया गया।
ऑपरेशन के बाद तेजी से सुधरी सेहत
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। उनका हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया, जो पहले की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी सकती है।
आयुष्मान भारत योजना बनी बड़ी राहत
इस जटिल ऑपरेशन और इलाज का पूरा खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत वहन किया गया। यदि यही ऑपरेशन किसी निजी अस्पताल में कराया जाता, तो मरीज के परिवार को लाखों रुपये खर्च करने पड़ सकते थे। ऐसे में यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
चिकित्सकीय टीम को मिली बधाई
इस सफलता पर रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि झारखंड के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की बदौलत लगातार जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। उन्होंने मरीज के स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए पूरी टीम के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य की सराहना की।

