
देवघर : झारखंड स्थित देवघर में श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार रात से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से कांवरियों और श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सोमवार सुबह तक बाबा मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु करीब 10 किलोमीटर तक कतार में खड़े होकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण की प्रतीक्षा करते नजर आए। पूरे क्षेत्र में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे।
देवघर में तीसरी सोमवारी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी इस बार धार्मिक दृष्टि से भी विशेष मानी जा रही है। सोमवार को नाग पंचमी और मनसा पूजा का संयोग होने के कारण बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी हुई। रविवार देर रात से ही कांवरियों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। सुबह होते-होते मंदिर परिसर से लेकर निर्धारित कतार मार्गों तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार दिखाई देने लगी।
बाबा बैद्यनाथ धाम में सोमवार सुबह करीब 4 बजे से जलार्पण का सिलसिला लगातार जारी रहा। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर की ओर बढ़ते रहे। बड़ी संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर पहुंचे और बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया। कांवरियों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं और दूसरे राज्यों से पहुंचे भक्तों की मौजूदगी से बाबाधाम में भीड़ काफी बढ़ गई।
बाबा बैद्यनाथ धाम में 10 किलोमीटर तक लगी कतार
तीसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कतार कई किलोमीटर तक पहुंच गई। बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालु करीब 10 किलोमीटर लंबी कतार में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कतार में शामिल भक्त लगातार बोल बम और हर-हर महादेव का उद्घोष करते रहे।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्गों और प्रवेश व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाया गया। मंदिर क्षेत्र के आसपास सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष निगरानी रखी गई। श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
नाग पंचमी और मनसा पूजा से बढ़ी देवघर में भीड़
तीसरी सोमवारी के साथ नाग पंचमी और मनसा पूजा का संयोग होने से बाबा बैद्यनाथ धाम में धार्मिक गतिविधियां और तेज रहीं। सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा और जलार्पण का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नाग देवता की पूजा-अर्चना भी की। इन धार्मिक अवसरों के एक साथ पड़ने से देवघर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण करने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या कांवरियों की रही। दूर-दराज से आने वाले कांवरिए सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं। सावन के दौरान कांवरिया पथ पर भी लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
सुबह से लगातार जारी है बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण
सोमवार सुबह 4 बजे से बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के जलार्पण का क्रम जारी रहा। सुबह होने के साथ ही कतार में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। मंदिर परिसर के आसपास भक्तों की आवाजाही के कारण पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण में डूबा रहा।
श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी को लेकर पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का अनुमान था। रविवार रात से शुरू हुई भीड़ सोमवार सुबह तक लगातार बनी रही। कांवरियों के अलावा परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालु भी बाबा बैद्यनाथ का दर्शन करने के लिए कतार में खड़े रहे।
श्रावणी मेले में लगातार बढ़ रही कांवरियों की भीड़
देवघर का श्रावणी मेला देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवरिए देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। तीसरी सोमवारी पर भी कांवरियों की भारी भीड़ के कारण देवघर के प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी रही।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित करने, कतार व्यवस्था बनाए रखने और मंदिर तक सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने की रही। बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पहुंचे भक्तों के बीच धार्मिक उत्साह बना रहा। सुबह से लगातार जारी जलार्पण और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण देवघर में श्रावणी मेले का माहौल बेहद व्यस्त रहा।
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