
रांची : झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आज से अगले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र ने 19 अगस्त तक अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ राज्य के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है।
झारखंड में आज इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश
मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मध्य झारखंड के रांची और खूंटी के आसपास के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में बारिश के साथ वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। मौसम में बदलाव के कारण निचले इलाकों में जलजमाव और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
कल पलामू, लातेहार और चतरा में भारी बारिश का अलर्ट
कल बारिश का असर झारखंड के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र के अनुसार पलामू, लातेहार और चतरा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इनसे सटे मध्य झारखंड के हजारीबाग में भी तेज बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश होने की स्थिति में नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। पहाड़ी और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत होगी। वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर रहने से बचने की आवश्यकता है।
परसों तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
झारखंड में 19 अगस्त तक मौसम की गतिविधियां सक्रिय रहने का अनुमान है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड में बारिश बढ़ने की प्रमुख वजहों में से एक है। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
झारखंड में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश
राज्य में अब तक हुई बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है, हालांकि अंतर बहुत अधिक नहीं रह गया है। 15 अगस्त तक झारखंड में सामान्य तौर पर करीब 668 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले राज्य में लगभग 550 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
इस तरह झारखंड में अब तक बारिश सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से इस अंतर में और कमी आने की संभावना है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली भारी बारिश से मौसमी वर्षा का आंकड़ा भी प्रभावित होगा।
बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव बढ़ाएगा बारिश
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम संबंधी परिस्थितियों के अनुसार अगले 24 घंटे में यह प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ सकती है।
इसके अधिक स्पष्ट और प्रभावी होने की स्थिति में झारखंड के मौसम पर इसका असर बढ़ सकता है। इसके साथ ही मानसून की अक्षरेखा भी निम्न दबाव के क्षेत्र के आसपास से गुजर रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है।
बारिश बढ़ने से झारखंड में 2 से 3 डिग्री गिरेगा तापमान
भारी बारिश और बादल छाए रहने के कारण झारखंड के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी हो सकती है। बारिश के कारण कई जिलों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना रह सकता है।
रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान गिरने के साथ उमस से भी राहत मिलने की संभावना है। हालांकि बारिश के दौरान तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 17 से 19 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां कई क्षेत्रों में प्रभावी रह सकती हैं।


