
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर न्यायालय ने अवैध हथियार रखने के एक मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी रिंकु साहू को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को तीन साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था मामला
यह पूरा मामला आनंदपुर थाना कांड संख्या-10/2024 से जुड़ा है, जो 7 जुलाई 2024 को दर्ज किया गया था। आरोपी रिंकु साहू (पिता दुर्योधन साहू), जो आनंदपुर बस्ती का निवासी है, पर अवैध देशी कट्टा रखने और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के लिए काम करने का गंभीर आरोप था। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा
मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से एकत्र किया। इसके बाद न्यायालय में मजबूत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। इस केस की सुनवाई जीआर संख्या-222/2024 के तहत अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चक्रधरपुर की अदालत में चल रही थी।
30 जून 2026 को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों को देखने के बाद रिंकु साहू को आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-बी) ए के तहत दोषी पाया और सजा का ऐलान किया।
चाईबासा पुलिस ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध हथियारों के कारोबार और उग्रवादी संगठनों से जुड़े अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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