Jamshedpur : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर पूर्वी सिंहभूम डीसी सभागार में विभिन्न मदों से संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, एमपी/एमएलए लैड और सीएसआर से जुड़ी योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पुल-पुलिया, पहुंच पथ, पीसीसी सड़क, पेयजल स्रोत, स्कूलों में अतिरिक्त कमरा निर्माण, शौचालय, तालाब गार्डवाल, कल्वर्ट निर्माण सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। जिन योजनाओं में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां तकनीकी जांच रिपोर्ट समर्पित करने का भी निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ योजनाएं स्थानीय विवाद या भूमि संबंधी समस्याओं के कारण लंबित हैं। ऐसे मामलों में अंचलाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को संयुक्त निरीक्षण कर शीघ्र समाधान निकालने को कहा गया। वहीं संवेदकों की लापरवाही से लंबित योजनाओं में नियमों के तहत ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
जिला योजना अनाबद्ध निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 117 योजनाओं में से करीब 60 प्रतिशत ही पूर्ण हो पाई हैं, जबकि 2025-26 में स्वीकृत 59 योजनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य अभी अपूर्ण है, हालांकि समयसीमा शेष है। उपायुक्त ने सभी कार्यदायी एजेंसियों को फरवरी-मार्च तक शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
नीति आयोग फंड के तहत 2023-24 में जिले में छह योजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनमें साल पत्ता प्लेट एवं कप उत्पादन यूनिट, जनजातीय क्षेत्रों में मॉडल आंगनबाड़ी, ट्रांसजेंडर व महिलाओं के लिए फूड कार्ट, लाइब्रेरी सह रिसोर्स सेंटर और 68 सरकारी स्कूलों में रसोई कक्ष निर्माण शामिल है। वहीं 2025-26 के लिए स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, विज्ञान केंद्र, दीक्षा शिक्षा केंद्र, बंबू आर्टिसन प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा केंद्र से जुड़ी सात योजनाओं का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
डीएमएफटी मद अंतर्गत 2021-22 से 2025-26 तक स्वीकृत 428 योजनाओं में से लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि तकनीकी कारणों से पांच योजनाएं रद्द की गई हैं। शेष अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को दिए गए। इसके अलावा एमपी-एमएलए लैड और खेल एवं पर्यटन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा कर पारदर्शिता और प्राथमिकता के साथ कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी सुदीप्त राज सहित एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

