RANCHI: राजधानी रांची में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि सड़कों पर जगह-जगह जाम लग रहा है और पैसेंजर बैठाने के लिए चालकों की मारामारी आम बात हो गई है। ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। वहीं ट्रैफिक पुलिस के लिए भी ये लोग फिलहाल सिरदर्द बने हुए है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस की ओर से इनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। यहीं वजह है कि दिनों दिन इनकी संख्या बढ़ती जा रही है।
48 हजार आटो और इ-रिक्शा
रांची में इस समय 24,746 ऑटो और करीब 23,217 ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जबकि शहर में केवल ढाई हजार ऑटो को ही परमिट मिला है। बाकी ऑटो बिना अनुमति के चल रहे हैं। जिससे न सिर्फ राजधानी की सड़कों पर दबाव बढ़ा है, बल्कि अवैध संचालन के कारण ट्रैफिक पुलिस के लिए भी व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया है।
पैसेंजर के लिए बीच सड़क पर जाम
सबसे बड़ी समस्या यह है कि आटो और इ-रिक्शा चालक बीच सड़क में ही वाहन रोककर पैसेंजर बिठा रहे हैं। इससे पीछे चल रहे वाहनों की कतार लंबी हो जाती है और ट्रैफिक बाधित होता है। सुबह-शाम दफ्तर और स्कूल के समय तो कई इलाकों में जाम की स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि 5 मिनट का रास्ता तय करने में 30-35 मिनट लग जाते हैं। मेन रोड, अल्बर्ट एक्का चौक, कांटाटोली, लालपुर, किशोरगंज, डोरंडा, हिनू, बिरसा चौक, कोकर, हरमू में यह समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है।
रूट चार्ट की योजना ठंडे बस्ते में
रांची नगर निगम ने शुरुआत में ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित किया था। वहीं दूसरे रूट पर परिचालन करने पर दो बार फाइन लगाने और फिर जब्ती का नियम लागू किया गया था। लेकिन कुछ दिनों में ही ये योजना ठंडे बस्ते में चली गई। आज ये इ-रिक्शा वाले बिना नियम कानून के परिचालन किसी भी सड़क में कर रहे है। न तो उन्हें कोई रोकने वाला है न कोई टोकने वाला। अब तो इ-रिक्शा वालों ने राजधानी के मेन रोड को भी अव्यवस्थित कर दिया है। जबकि कुछ समय पहले इस रोड में इ-रिक्शा की इंट्री पर रोक लगा दी गई थी। अब ये फिर से जाम का कारण बन रहे है।
लोगों के लिए बन रहे परेशानी
हर दिन इनकी वजह से लोग समस्याओं को झेल रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले लोगों और मार्केट आने-जाने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ऑटो चालक किराए को लेकर भी मनमानी करते हैं और तय रेट से अधिक पैसा मांगते हैं। लोगों का कहना है कि यदि ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों पर सख्ती नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो सकती है। प्रशासन ने पहले भी कई बार अभियान चलाकर चालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर जस की तस हो गई है।
नहीं हटाए गए बिना परमिट वाले आटो
परिवहन विभाग ने ये आदेश दिया था कि राजधानी में केवल परमिट वाले आटो का परिचालन होगा। उस समय 2200 आटो को रांची शहर में परिचालन के लिए परमिट मिला था। इसके बाद कुछ और लोगों को परमिट मिला। बाकी आटो को शहर से बाहर करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई। आज स्थिति यह हो गई है कि बिना परमिट वाले आटो धड़ल्ले से चल रहे है।

