रांची : जामा–जामताड़ा–रूपनारायणपुर सड़क के सतह नवीकरण कार्य में बरती गई अनियमितता से जुड़े पुराने मामले में झारखंड सरकार ने सेवानिवृत्त कनीय अभियंता नरेश प्रसाद सिंह के विरुद्ध पेंशन से राशि वसूली का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई सीबीआई के मामले संख्या आरसी-08(ए)/2010-आर में धनबाद स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय द्वारा 31 जनवरी 2023 को सुनाए गए दोषसिद्धि आदेश के आलोक में की गई है।
विशेष न्यायाधीश, सीबीआई, धनबाद ने इस मामले में तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रकाश चन्द्र सिंह, सहायक अभियंता अन्थोनी तिग्गा तथा कनीय अभियंता नरेश प्रसाद सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया था।
सरकार को सीबीआई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, धनबाद की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया कि दोषसिद्ध सरकारी कर्मियों के विरुद्ध संविधान के अनुच्छेद 311(2) के प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए और अपील की प्रतीक्षा न की जाए। इसी आधार पर विभाग ने विधि विभाग तथा महाधिवक्ता की राय प्राप्त की।
मामले में पहले ही प्रकाश चन्द्र सिंह और अन्थोनी तिग्गा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए वेतनमान में कमी तथा राजस्व क्षति की अनुपातिक वसूली का दंड दिया जा चुका है। नरेश प्रसाद सिंह जुलाई 2007 में सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसलिए उनके विरुद्ध नियमित विभागीय कार्रवाई समयसीमा के कारण संभव नहीं हो सकी।
अब झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(क) के तहत नरेश प्रसाद सिंह से सरकारी राजस्व की कुल क्षति 9 लाख 30 हजार 850 रुपये में उनकी अनुपातिक देनदारी 3 लाख 10 हजार 283 रुपये 33 पैसे पेंशन से वसूलने का निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार पहली किस्त 5,283 रुपये 33 पैसे की होगी, जबकि शेष 3 लाख 5 हजार रुपये की वसूली 61 समान मासिक किस्तों में 5-5 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी।
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