RANCHI: रांची में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए जिला व चार्ज अधिकारियों के अलावा तकनीकी सहायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत समाहरणालय में हो गई। तीन दिनों तक चलने वाले इस सत्र का उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने दीप जलाकर शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास के लिए योजनाओं व नीतियों के निर्माण करने के लिए महत्वपूर्ण है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की योजनाएं व नीतियों का निर्धारण किया जाता है।
डेढ़ दशक बाद हो रही जनगणना
उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ दशक के बाद यह जनगणना कार्यक्रम आयोजित की जा रही है। सभी पदाधिकारी और कर्मी इसे पूरी गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ सम्पन्न करें। इस अवसर पर प्रशिक्षण के प्रतिभागी अधिकारियों, जिनमें प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-चार्ज पदाधिकारी, सहायक चार्ज पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी और तकनीकी सहायक को कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बताई जा रही सभी बातों को ध्यानपूर्वक समझें और प्रशिक्षण को सफल बनाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं, प्रश्नों के उपयोग, डेटा संकलन की प्रक्रिया तथा क्षेत्र में कार्य करने की सही तौर तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
जनगणना की प्रक्रिया को समझाया
जनगणना कार्य निदेशालय रांची से आए हुए प्रशिक्षक केशव नायक आर उप निदेशक और संजीव कुमार मांझी सांख्यिकी अन्वेषक ने सभी प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरण, पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण के साथ भवनों की गणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं को समझाया जा रहा है। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी संबंधित जिला व चार्ज अधिकारी तथा तकनीकी सहायक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के उपरांत सभी चार्ज अधिकारी अपने-अपने चार्ज अंतर्गत जनगणना 2027 प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य संपन्न करेंगे। प्रशिक्षण में बताया गया कि इस बार की जनगणना पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से सम्पन्न की जाएगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रगणक हर घर व हर ब्लॉक का डेटा संकलन किया जायेगा। डिजिटल जनगणना से सूचनाओं का संधारण, तेजी, सटीकता और सम्यक तरीके से किया जा सकेगा।

