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The Photon News Exclusive : रांची बना CRIME हॉटस्पॉट : 10 महीनों में मर्डर, रेप, अपहरण, लूट, चोरी के आंकड़े डरावने : Jharkhand crime rate

Jharkhand Crime Rate : रांची में अपराधी पुलिस को छकाने में लगे हैं। जनवरी से अक्टूबर 2025 तक 115 लोगों को मौत की नींद सुला दिया गया। वहीं, 161 लोग किडनैप कर लिए गए। इस अवधि में 1600 से अधिक चोरी के मामले आए सामने, इसमें से कुछ मामलों का खुलासा कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है। इस दौरान रांची में क्राइम ग्राफ कितना बढ़ा, जानिए हमारे क्राइम रिपोर्टर सुहैब अंसारी की विशेष रिपोर्ट से।

by Suhaib
Jharkhand Crime Rate
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Jharkhand Crime Rate : रांची : रांची की कानून-व्यवस्था का हाल चिंताजनक होता जा रहा है। अपराधी पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। हालात यह हैं कि पुलिस पस्त नजर आ रही है, जबकि अपराधी मस्त होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। अपराधी बेखौफ होकर पुलिस को छकाने में लगे हैं। इस बात की गवाही स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) की ओर से जारी आंकड़े दे रहे हैं। जी हां, बीते 10 महीनों में सामने आए अपराध के आंकड़े डराने वाले हैं।

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इस दौरान हत्या, डकैती, लूट, गृहभेदन, चोरी, अपहरण, दुष्कर्म, दंगा, आर्म्स एक्ट, नक्सल गतिविधियां व क्राइम से जुड़े अन्य मामलों में बड़ी संख्या में केस दर्ज किए गए हैं। जनवरी से लेकर अक्टूबर 2025 तक 115 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।

वहीं 161 लोग किडनैप कर लिए गए। हालांकि, पुलिस ने अधिकतर मामलों का खुलासा कर अपराधियों को जेल भी भेजा है। लेकिन, पुलिस की सक्रियता अपराध होने के बाद ही सामने आती है। चोरी की घटनाओं की बात करें तो 10 महीनों में 1600 मामले सामने आए। इनमें पुलिस कुछ मामलों का खुलासा कर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त रहती है।

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जनवरी से मार्च तक का क्राइम ग्राफ

जनवरी 2025 में हत्या के 13, लूट के 8, अपहरण के 22, दुष्कर्म के 12 और गृहभेदन के 45 मामले सामने आए, जबकि चोरी की 173 घटनाएं दर्ज की गईं। शस्त्र अधिनियम के 3, नक्सल गतिविधियों के 5 और विविध क्राइम के 540 मामले समाने आए। फरवरी में हत्या के मामले घटकर 10 रह गए, डकैती का 1, लूट के 7, अपहरण के 16, दुष्कर्म के 23, गृहभेदन के 37, चोरी के 161, दंगा का एक, शस्त्र अधिनियम का एक और विविध क्राइम के 517 मामले दर्ज हुए। मार्च में हत्या के 10, डकैती के 2, लूट के 6, अपहरण के 15, दुष्कर्म के 22, गृहभेदन के 33 मामले और चोरी की 141 घटनाएं हुईं, जबकि दंगा के 2, शस्त्र अधिनियम के 15, नक्सल गतिविधियों का एक और विविध क्राइम के 580 मामले समाने आए।

मई में 16 लोगों को सुला दिया गया मौत की नींद

अप्रैल में हत्या के मामलों में हल्की बढ़ोतरी हुई और 11 हत्याएं दर्ज की गईं। अपहरण के 20, दुष्कर्म के 8, लूट के 5, गृहभेदन के 36 और चोरी के 134 मामले सामने आए। शस्त्र अधिनियम के 4, नक्सल गतिविधियों के 2, और विविध क्राइम के 462 मामले सामने आए। मई में हत्या के 16 मामले दर्ज किए गए, जो इस अवधि में अधिक रहे।

इसी महीने अपहरण के 16, दुष्कर्म के 21, लूट के 4, चोरी की 152 और गृहभेदन की 28, दंगा की 2 घटनाएं सामने आईं। शस्त्र अधिनियम के 5, नक्सल गतिविधियां के 4 और विविध क्राइम के 523 मामले समाने आए। जून में हत्या के 12, अपहरण के 14, दुष्कर्म के 23, लूट के 4 और चोरी के 148, गृहभेदन के 32, दंगा के 2, शस्त्र अधिनियम के 4, नक्सल गतिविधियां के 2 और विविध क्राइम के 488 मामले दर्ज हुए।

अक्टूबर में चोरी के मामलों ने 10 महीनों का तोड़ा रिकॉर्ड

जुलाई में हत्या के 9, अपहरण के 27, दुष्कर्म के 19, डकैती का 1, लूट के 8, गृहभेदन के 44, चोरी के 162, दंगा के 3, शस्त्र अधिनियम के 10, नक्सल गतिविधियों के 3 और विविध क्राइम के 438 मामले दर्ज हुए। अगस्त में हत्या के 12, अपहरण के 17, दुष्कर्म के 10, लूट के 7, गृहभेदन के 29, चोरी के 166, शस्त्र अधिनियम के 3 और विविध क्राइम के 490 मामले सामने आए। सितंबर में हत्या के 12, दुष्कर्म के 16, लूट के 3 और गृहभेदन के 27 मामले सामने आए, जबकि चोरी की 184 और दंगा की 3 घटनाएं दर्ज की गईं।

इसी महीने शस्त्र अधिनियम के 6 और विविध क्राइम के 4 मामले सामने आए। अक्टूबर में चोरी के मामलों ने 10 महीनों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 210 का आंकड़ा छू लिया, वहीं हत्या के 10 मामले सामने आए। इसी महीने अपहरण के 14, दुष्कर्म के 16, लूट के 2 और गृहभेदन की 35 घटनाएं और दंगा का 1 मामला सामने आया। शस्त्र अधिनियम के 12, नक्सल गतिविधियों का एक और विविध क्राइम के 464 मामले सामने आए।

वर्जन

अपराध से जुड़े मामलों में लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही है। हर केस का गहन अनुसंधान कर तुरंत खुलासा किया जा रहा है। अपराधियों को चिह्नित कर कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जा रहा है। रांची पुलिस क्राइम पर लगाम लगाने के लिए हर स्तर पर सतर्क और सक्रिय है। वर्ष 2025 में कई कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। वर्ष 2026 में अपराधियों के खिलाफ अभियान को और आक्रामक, तेज व प्रभावी बनाया जाएगा।
-राकेश रंजन, एसएसपी, रांची।

10 माह के आंकड़े

क्रम संख्याअपराध का प्रकारमामलों की संख्या
1हत्या115
2अपहरण161
3दुष्कर्म170
4डकैती4
5लूट54
6गृहभेदन346
7चोरी1631
8दंगा14
9आर्म्स एक्ट63
10नक्सल गतिविधि18
11अपराध के अन्य मामले4506

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