RANCHI: रांची नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। वहीं पूरे शहर के लिए एक प्लान भी रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने तैयार किया है। जिसके तहत भवनों की रैंडम जांच शुरू कर दी गई है। जिसमें भारी गड़बड़ियां सामने आई है। सेल्फ असेस्मेंट के तहत निगम को सही जानकारी नहीं दी गई है। जिससे कि निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। अब नगर निगम ने लोगों को री-असेस्मेंट कराने को कहा है। जिससे कि लोग भारी भरकम जुर्माने से बच सकते है। वहीं निगम की टीम असेस्मेंट के लिए पहुंचती है और गड़बड़ी पाई जाती है तो 100 परसेंट फाइन वसूला जाएगा। इतना ही नहीं पूरे 10 साल का टैक्स एक साथ भरना होगा। इससे बचने के लिए लोग खुद से या फिर निगम के कर्मियों को बुलाकर री-असेस्मेंट करा सकते है।

मिल रही कई तरह की गड़बड़ियां
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि जिन भवन मालिकों ने अपने मकान या भवन का विस्तार कराया है, लेकिन निगम के रिकॉर्ड में उसे अपडेट नहीं कराया है। जांच में ये चीजें सामने आ रही है। संबंधित मालिक पर 10 वर्षों तक का बकाया टैक्स और पेनाल्टी वसूली जा सकती है। यह कार्रवाई नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जाएगी। साथ ही बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई लोग अपने भवन को रेसिडेंशियल श्रेणी में दिखाकर कम टैक्स जमा करा रहे हैं, जबकि उसका उपयोग कॉमर्शियल एक्टिविटी के लिए किया जा रहा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि रेसिडेंशियल भवन का कॉमर्शियल इस्तेमाल पाया गया, तो उस पर व्यावसायिक दर से टैक्स वसूला जाएगा जो सामान्य आवासीय कर से अधिक होता है।
सही जानकारी देकर बचे पेनाल्टी से
अधिकारियों का कहना है कि सेल्फ असेस्मेंट सिस्टम का उद्देश्य था कि लोग खुद से अपने भवनों की नापी कराकर उसके हिसाब से टैक्स जमा करा दें। लेकिन जांच में तो हजारों फीट की जानकारी छिपाने के केस सामने आए है। कई मामलों में गलत जानकारी देकर टैक्स की चोरी की कोशिश की गई है। इसी को देखते हुए अब फील्ड वेरिफिकेशन और भौतिक निरीक्षण तेज कर दिया गया है। इसलिए लोग खुद से निगम में आवेदन देकर सही जानकारी दे। जिससे कि वे पेनाल्टी से बच सकते है।
सवा दो लाख से अधिक हाउस होल्डर रजिस्टर्ड
रांची नगर निगम में वर्तमान में सवा दो लाख से अधिक हाउस होल्डर पंजीकृत हैं। 53 वार्डों में भवनों के अलावा खाली जमीन और धार्मिक स्थलों को भी होल्डिंग जारी किया गया है। निगम के अधिकारी ने बताया कि यदि सभी होल्डिंग का सही आकलन हो जाए तो राजस्व में वृद्धि हो सकती है। जिससे कि शहर के विकास कार्यों में सुधार किया जा सकेगा। निगम ने भवन मालिकों से अपील की है कि वे खुद से अपने भवन का री-असेस्मेंट कराएं। अगर उन्होंने किसी भी प्रकार के निर्माण विस्तार या उपयोग परिवर्तन किया है तो इसका सूचना ऑनलाइन पोर्टल या निगम कार्यालय में दें। चूंकि नगर निगम की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज की जाएगी। जिससे कि जानकारी छिपाकर टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

