RANCHI: राजधानी रांची का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी हॉस्पिटल सदर एक के बाद नई ऊंचाईयों को छू रहा है। मरीजों के लिए हाईटेक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। अब हॉस्पिटल में कैथ लैब बनाने के लिए विभाग ने विप्रो जीई एजेंसी को फाइनल कर लिया है। इतना ही नहीं दो से तीन महीने के अंदर हॉस्पिटल में कैथलैब बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दिल के मरीजों का और बेहतर ढंग से इलाज हो सकेगा। बता दें कि सदर हॉस्पिटल ईस्ट जोन का पहला डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल होगा जहां कैथलैब की सुविधा उपलब्ध होगी। बता दें कि कैथलैब के लिए विभाग ने तीन बार टेंडर निकाला था। चौथी बार में एजेंसी फाइनल हो गई।
अप्रैल से फंक्शनल हो जाएगा कैथलैब
हॉस्पिटल में कैथलैब बनाने के लिए एजेंसी फाइनल हो चुकी है। वर्क आर्डर के बाद कैथलैब बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं दिल के मरीजों की सर्जरी भी अप्रैल से शुरू हो जाएगी। हार्ट की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को जल्द ही बेहतर और सस्ते इलाज की सुविधा सदर में मिलने लगेगी। राज्य सरकार ने रांची सदर हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कैथ लैब के निर्माण को पहले ही मंजूरी दे दी थी और इसके लिए 8 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की थी।
ये सुविधाएं मिलेगी मरीजों को
कैथ लैब (कैथेटराइजेशन लैब) हार्ट के मरीजों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधा है। जिसमें हार्ट से जुड़ी विभिन्न प्रकार की प्रक्रिया जैसे एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर इंप्लांट आदि की जाती हैं। अभी तक सरकारी हॉस्पिटल में राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में ही यह सुविधा उपलब्ध थी। जहां अत्याधुनिक कैथ लैब और कार्डियोलॉजी विभाग पहले से कार्यरत है। अब सदर में यह सुविधा शुरू होने से रिम्स पर मरीजों का लोड कम होगा और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं प्राइवेट हॉस्पिटलों के भारी भरकम खर्च से भी छुटकारा मिल जाएगा।
बीपीएल और आयुष्मान लाभुकों को राहत
कैथ लैब की सेवाएं बीपीएल और आयुष्मान भारत योजना के लाभुकों को बड़ी राहत देगी। सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारकों को सभी तरह की कार्डियक प्रोसीजर मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। सामान्य मरीजों को भी यह सेवाएं गवर्नमेंट के द्वारा तय रेट पर उपलब्ध होंगी, जो प्राइवेट हॉस्पिटलों की तुलना में काफी कम होंगी।
रांची को मिलेगा दूसरा सरकारी कैथ लैब
रांची में यह दूसरा सरकारी कैथ लैब होगा। इससे पहले राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में यह सुविधा मौजूद थी, जहां कार्डियोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग भी चल रहा है। रिम्स में मॉड्यूलर ओटी के साथ-साथ एडवांस तकनीक से लैस कैथ लैब वर्षों से फंक्शनल है। अब सदर को यह सुविधा मिलने से न केवल मरीजों को विकल्प मिलेगा, बल्कि गुणवत्ता वाला इलाज मिलने से मरीजों को कहीं बाहर इलाज के लिए नहीं जाना होगा। इसके अलावा रिम्स पर मरीजों का थोड़ा लोड भी कम होगा।
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