Ranchi : झारखंड के चर्चित टेंडर कमीशन घोटाले में चार्जशीटेड आरोपी राजीव लोचन और अनिल कुमार ने बुधवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने के बाद दोनों के अधिवक्ताओं ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। अदालत में दोनों आरोपियों को एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। जमानत के साथ शर्त रखी गई है कि दोनों आरोपी हर तारीख पर अदालत में जरूर हाजिर होंगे।
ईडी ने 14 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की थी पूरक चार्ज शीट
गौरतलब है कि ईडी ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्ज शीट दाखिल की थी। अदालत ने इसका संज्ञान लिया और सभी आरोपियों को समन जारी कर दिया गया था। इनमें से पांच आरोपी अदालत के सामने पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब इन दो आरोपियों ने भी आत्मसमर्पण किया है, जिनको कोर्ट ने जमानत दे दी है।
कई ठेकेदारों के यहां से बरामद हुई थी बड़ी रकम
मालूम हो कि टेंडर कमीशन घोटाले की ईडी ने साल 2023 में जांच शुरू की थी। कई अभियंताओं के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। 6 मई साल 2024 को ईडी ने छापेमारी का दूसरा चरण शुरू किया था। कई इंजीनियर और ठेकेदारों के संधि की दुकानों पर रेड हुई थी। इसी दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी रहे संजीव लाल के नौकर के ठिकाने पर भी 32 करोड़ रुपए से अधिक की रकम बरामद हुई थी। ठेकेदार मुन्ना के सिंह के यहां से 2.93 करोड़ रुपए बरामद हुए थे। ईडी ने ठेकेदार राजीव सिंह के ठिकानों पर भी छापामारी की थी और यहां से 2.4 करोड रुपए बरामद हुए थे। मंत्री के ओएसडी संजीव लाल के नौकर के यहां बरामदगी के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम जांच एजेंसी के राडार पर आ गए थे और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

