
रांची :झारखंड की राजधानी रांची के लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति को लेकर जरूरी खबर है। राजधानी के कई इलाकों में आज और कल नियमित जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है। रुक्का मोड़ के पास 900 मिलीमीटर व्यास वाली एमएस राइजिंग पाइपलाइन की मरम्मत का काम किया जाना है। इस कार्य के चलते पुराने जल शोधन संयंत्र को दो दिनों के लिए बंद रखा जाएगा। इसका सीधा असर शहर के कई प्रमुख जलापूर्ति क्षेत्रों पर पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था से करीब 2 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। मरम्मत कार्य के दौरान संबंधित इलाकों में सामान्य तरीके से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकेगी। ऐसे में जिन घरों और संस्थानों को इन जलापूर्ति लाइनों से पानी मिलता है, उन्हें दो दिनों तक पेयजल की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
रांची में 22-23 अगस्त को क्यों प्रभावित रहेगी जलापूर्ति
रुक्का मोड़ के समीप 900 मिलीमीटर व्यास की एमएस राइजिंग पाइपलाइन में मरम्मत का काम होना है। पाइपलाइन की मरम्मत सुरक्षित तरीके से पूरी करने के लिए पुराने 166 एमएलडी जल शोधन संयंत्र को 22 और 23 अगस्त 2026 को बंद रखा जाएगा।
संयंत्र के बंद रहने की वजह से इससे जुड़ी विभिन्न जलापूर्ति लाइनों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होगी। मरम्मत कार्य पूरा होने तक संबंधित इलाकों में नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाएगी। अधिकारियों की ओर से मरम्मत के बाद स्थिति सामान्य करने के लिए चरणबद्ध तरीके से पानी की आपूर्ति शुरू करने की बात कही गई है।
इन इलाकों में नहीं आएगा पानी
पाइपलाइन मरम्मत के कारण रांची के कई प्रमुख इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की संभावना है। इनमें जिला स्कूल लाइन, रातू रोड लाइन, टाउन लाइन और एमईएस लाइन शामिल हैं। इसके अलावा हटिया-होटवार और टाटीसिलवे क्षेत्र से जुड़ी जलापूर्ति पर भी इसका असर पड़ेगा।
मरम्मत के बाद चरणबद्ध तरीके से सामान्य होगी जलापूर्ति
अधिकारियों के अनुसार पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था को एक साथ पूरी क्षमता से शुरू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में पानी पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।
जलापूर्ति बहाल होने के बाद शुरुआती चरण में सभी इलाकों में पानी की उपलब्धता सामान्य होने में समय लगने की संभावना है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मरम्मत कार्य पूरा होने और जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने तक पानी का उपयोग सावधानी से करने की जरूरत होगी।

