
- हरमू मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार
रांची : वियतनाम में असमय निधन के बाद विदेश में भारतीय योग परंपरा को आगे बढ़ाने वाले रांची के युवा योग शिक्षक राजा वर्मा का पार्थिव शरीर रविवार को उनके घर पहुंचा। कैलाश नगर स्थित आवास पर जैसे ही राजा वर्मा का शव पहुंचा, परिवार में चीख-पुकार मच गई। अपने लाडले को अंतिम बार देखने के लिए परिजनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उनके घर पहुंच गए। लंबे इंतजार के बाद पार्थिव शरीर के घर पहुंचने से परिवार को अंतिम दर्शन का अवसर मिला, लेकिन इस दौरान पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा।
वियतनाम से पार्थिव शरीर लाने की प्रक्रिया पूरी
राजा वर्मा का निधन वियतनाम में हुआ था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। विदेश से शव लाने की प्रक्रिया में आवश्यक कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के साथ विभिन्न स्तरों पर समन्वय किया गया। जिला प्रशासन की ओर से भी इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया गया। प्रशासन की टीम लगातार आवश्यक कार्रवाई को पूरा कराने में जुटी रही, ताकि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
रविवार को अपर जिला दंडाधिकारी स्वयं राजा वर्मा के पार्थिव शरीर के साथ कैलाश नगर स्थित उनके आवास पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर को परिजनों के सुपुर्द किया गया। शव के घर पहुंचते ही परिवार के सदस्यों का धैर्य टूट गया और वे फूट-फूटकर रोने लगे। परिजनों के इस दुख में आसपास के लोग और रिश्तेदार भी शामिल हुए।
कैलाश नगर में शोक, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
राजा वर्मा के निधन की खबर पहले ही उनके परिचितों और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल चुकी थी। पार्थिव शरीर के रांची पहुंचने की जानकारी मिलते ही कैलाश नगर में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। अपने बीच के युवा योग शिक्षक को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे। घर के आसपास देर तक लोगों की भीड़ लगी रही।
परिजनों को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का लगातार पहुंचना जारी रहा। हर कोई परिवार को इस दुख की घड़ी में संभालने का प्रयास कर रहा था। राजा वर्मा के निधन से उनके परिचितों के साथ उन लोगों में भी शोक की लहर है, जो उनके योग कार्य से जुड़े रहे थे।
राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने परिजनों से की मुलाकात
राजा वर्मा के निधन की सूचना मिलने के बाद राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी कैलाश नगर स्थित उनके आवास पहुंचीं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। सांसद ने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने राजा वर्मा के निधन को परिवार के साथ-साथ राज्य के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया। सांसद ने कहा कि असमय एक युवा और प्रतिभाशाली योग शिक्षक का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
विदेश में भारतीय योग परंपरा को बढ़ावा दे रहे थे राजा वर्मा
राजा वर्मा रांची के रहने वाले युवा योग शिक्षक थे। वे वियतनाम में रहकर भारतीय योग परंपरा को आगे बढ़ाने और लोगों तक योग की जानकारी पहुंचाने का काम कर रहे थे। विदेश में रहते हुए वे भारतीय योग और उससे जुड़ी परंपराओं को बढ़ावा दे रहे थे। उनके असमय निधन की खबर सामने आने के बाद रांची में उनके परिचितों और शुभचिंतकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई थी। राजा वर्मा का विदेश में निधन होने के कारण उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अधिक जटिल रही। आवश्यक औपचारिकताओं और कागजी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद उनके शव को भारत लाया गया। केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से भी इस प्रक्रिया में सहयोग किया गया।
परिवार को लंबे इंतजार के बाद मिला अंतिम दर्शन
राजा वर्मा के परिजन उनके पार्थिव शरीर के भारत लौटने का इंतजार कर रहे थे। विदेश में निधन होने के कारण परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन रहा। पार्थिव शरीर के रांची पहुंचने के बाद परिवार को अपने बेटे के अंतिम दर्शन का अवसर मिला। शव को घर लाए जाने के बाद परिजनों ने अंतिम दर्शन किया। राजा वर्मा के आवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। पूरे कैलाश नगर में शोक का माहौल बना हुआ है। उनके असमय निधन को लेकर लोगों के बीच गहरा दुख देखा गया।
हरमू मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार
राजा कुमार वर्मा योग शिक्षक थे और विदेश में भारतीय योग परंपरा को बढ़ावा देने का काम कर रहे थे. वियतनाम में सड़क हादसे में उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद रांची में शोक का माहौल था। रविवार को पार्थिव शरीर रांची पहुंचने के बाद हरमू मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

