Ranchi (Jharkhand) : झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड की नौवीं बैठक बुधवार को बोर्ड कार्यालय में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने की। इस अहम बैठक में धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राकेश सिन्हा ने बताया कि कुल चार प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनमें बोर्ड के सदस्यों और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना भी शामिल है।
सभी सदस्यों और कर्मचारियों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा
बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार अब धार्मिक न्यास बोर्ड में नियुक्त सभी स्तर के कर्मचारी एवं सदस्य स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में आएंगे। यह कदम कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
हर वर्ष मिलेगा तीन करोड़ का बजट
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार से प्रतिवर्ष तीन करोड़ रुपये का बजट आवंटन धार्मिक न्यास बोर्ड को मिलेगा। इस पर बोर्ड ने मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया। यह आवंटन बोर्ड को सबल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
श्रावणी मेला को लेकर शिवालयों में विशेष तैयारी
बैठक में आगामी श्रावणी मेला 2025 को लेकर भी रणनीति बनाई गई। निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रमुख शिवालयों में धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य और कर्मचारी प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था संभालेंगे। इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बिना पंजीकरण वाले मंदिरों पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के जिन मंदिरों का अब तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें नोटिस जारी कर शीघ्र पंजीकरण कराने का निर्देश दिया जाएगा। यदि फिर भी मंदिर पंजीकरण नहीं कराते हैं, तो उनके प्रबंधन के लिए न्याय बोर्ड समिति का गठन किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन और सामाजिक जिम्मेदारी पर होंगी कार्यशालाएं
धार्मिक न्यास बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया कि राज्य भर के मंदिरों में प्रबंधन क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इससे मंदिरों की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं आधुनिक बनाया जा सकेगा।

