रांची : झारखंड रियल इस्टेट रेगुलेटरी आथोरिटी (झारेरा) बिल्डरों के खिलाफ सख्त मोड में है। बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने को लेकर अब रेरा ने उनसे प्रोजेक्ट का आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जमा कराने को कहा है। प्रोजेक्ट वैलिडिटी एक्सपायर होने से पहले उन्हें सर्टिफिकेट जमा कराने को कहा है। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उनपर रेरा एक्ट और रूल्स के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बिल्डरों की मनमानी से ग्राहकों को बचाने के लिए ही झारेरा का गठन किया गया है। इसके बाद ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए रेरा लगातार एक्शन मोड में है।
आनलाइन रजिस्टर्ड है 959 प्रोजेक्ट
रांची समेत राज्य के कई जिलों में चल रहे रियल इस्टेट प्रोजेक्ट के लिए बिल्डरों ने रेरा में रजिस्ट्रेशन कराया है। जिन्होंने रेरा में आफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था उन बिल्डरों को रेरा ने सभी डॉक्यूमेंट्स आनलाइन जमा कराने को कहा था। लेकिन बिल्डर इसमें इंटरेस्ट नहीं दिखा रहे है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 78 बिल्डरों ने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट आफलाइन से आनलाइन के लिए अपडेट की है। वहीं आनलाइन डॉक्यूमेंट जमा कराने से कतरा रहे है कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए।
रेरा के गठन के बाद से प्रोजेक्ट की आफलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या 620 है। वहीं आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले 959 है। रेरा ने सभी बिल्डरों से अपील की है कि जिन्होंने आफलाइन से आनलाइन में रजिस्ट्रेशन में डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं किया है वे जल्द से जल्द डॉक्यूमेंट अपलोड कर दे। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

