
साहिबगंज : साहिबगंज-बरहड़वा रेलमार्ग पर एक बार फिर से रेलगाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है। गंगा नदी के भीषण कटाव की वजह से पिछले आठ दिनों से इस रूट पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। रेलवे प्रशासन की दिन-रात की मेहनत के बाद, मंगलवार दोपहर एक बजे इस पटरी से हावड़ा के लिए एक स्पेशल ट्रेन रवाना की गई। यह ट्रेन बरहड़वा तक हर छोटे-बड़े स्टेशन पर ठहरते हुए हावड़ा का सफर तय करेगी।
500 मजदूरों ने तीन शिफ्टों में किया काम
सकरीगली और महाराजपुर के बीच रेलवे लाइन को सुरक्षित बचाना एक बड़ी चुनौती थी। गंगा के किनारे को धंसने से रोकने के लिए रेलवे ने पूरी ताकत झोंक दी। 500 से अधिक मजदूरों ने तीन अलग-अलग शिफ्टों में बिना रुके काम किया। कटाव वाली जगह को भरने के लिए 182 वैगनों से बोल्डर, 2,287 स्लीपर और भारी मात्रा में डस्ट डाला गया। एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था।
बुधवार से स्थिति होगी पूरी तरह सामान्य
मालदा मंडल के डीआरएम ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि जलस्तर 27.72 मीटर पर स्थिर होने के बाद रेलवे ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया है। बुधवार से इस मार्ग की सभी रद्द और डायवर्ट की गई ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय के अनुसार चलने लगेंगी। इस संकट की वजह से लगभग 16 मेल/एक्सप्रेस और 149 पैसेंजर ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं, जबकि 60 ट्रेनों का रास्ता बदला गया था।
त्योहारों के मौसम में यात्रियों को राहत
त्योहारों के ऐन वक्त पर ट्रेनें ठप्प होने से परदेस में रहने वाले लोग बेहद परेशान थे। लेकिन अब परिचालन बहाल होने से क्षेत्र के लोगों और यात्रियों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। लोग अब बिना किसी अड़चन के अपने परिवार के साथ पर्व मनाने घर पहुंच सकेंगे। कटाव रोधी काम आगे भी जारी रहेगा ताकि भविष्य में ऐसा खतरा दोबारा न आए।

