Jamshedpur : साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में लंबे समय से चल रहे प्रधान पद के विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि गुरुद्वारा में अब नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे।कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक स्थल शांति, एकता और सौहार्द के प्रतीक होते हैं, ऐसे में एक ही गुरुद्वारा में दो-दो प्रधान होना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे अपने पक्षकार से बात कर फ्रेश चुनाव के लिए सहमति बनाएं, ताकि गुरुद्वारा की गरिमा बनी रहे।इस फैसले के बाद निशान सिंह गुट को बड़ा झटका लगा है, जबकि हरविंदर सिंह मंटू गुट में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क कोर्ट के समक्ष रखे। मंटू पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, इस मामले का आधिकारिक आदेश मंगलवार तक जारी हो सकता है। वहीं, अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है।दरअसल, यह विवाद वर्ष 2025 से चला आ रहा है, जब चुनाव प्रक्रिया के दौरान दो गुटों के बीच टकराव बढ़ गया था। एक ओर निशान सिंह गुट ने अपने संविधान के तहत चुनाव कराने का दावा किया, तो दूसरी ओर मंटू गुट ने निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई।
स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दोनों पक्षों ने अलग-अलग चुनाव कर खुद को विजेता घोषित कर दिया।मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि तीसरे उम्मीदवार सुखविंदर सिंह राजू ने भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और नामांकन शुल्क को लेकर सवाल उठाए। इस पूरे घटनाक्रम के चलते संगत के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी रही।गौरतलब है कि इस विवाद के दौरान कई बार तनाव और झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
शहीद जागृति यात्रा के दौरान गुरुद्वारा परिसर में मारपीट का मामला भी चर्चा में रहा, जिसमें पुलिस पहले ही मंटू गुट को क्लीन चिट दे चुकी है।अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद यह तय हो गया है कि साकची गुरुद्वारा में नए चुनाव के जरिए ही प्रधान का चयन होगा। इससे लंबे समय से चला आ रहा विवाद खत्म होने और संगत में एकता बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है

