जमशेदपुर /दिल्ली : जमशेदपुर इंडस्ट्रियल टाउनशिप के गठन के मामले पर 19 मई यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। यह जानकारी मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने प्रेस रिलीज के माध्यम से दी है। जमशेदपुर में इंडस्ट्रियल टाउन के मुद्दे पर 19.5.2025 को न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच में सुनवाई का सीरियल नंबर 7 है।
उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील द्वारा जमशेदपुर में इंडस्ट्रियल टाउन या औद्योगिक शहर बनाने के लिए उसमें गठित कमेटी के सदस्यों का नाम अखबार में प्रकाशित हुआ था। अत: इंडस्ट्रियल टाउनशिप गठन के खिलाफ जमशेदपुर के सोनारी निवासी जवाहरलाल शर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटिशन दाखिल किया गया है। उसी रिट पिटिशन पर सुनवाई होनी है।

1989 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
जवाहरलाल शर्मा बताते हैं कि सभी जानते हैं कि 1989 में सुप्रीम कोर्ट ने जमशेदपुर को नगर निगम बनाने का फैसला तीन जजों की बेंच के माध्यम से दिया था। नोटिफिकेशन भी निकल गया था, पर धन शक्ति के बल से सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू न हो सका और अब इंडस्ट्रीयल टाउन बनाने की बात हो रही है।
सब जानते हैं कि पिछले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टाटा स्टील तथा अन्य लोगों द्वारा सड़क पर लाखों लोगों को उतार कर इसका विरोध किया गया था। देश-विदेश के पत्रकार जमशेदपुर खबर को कवर करने के लिए आए थे। टाटा स्टील के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर रुसी मोदी (अब स्वर्गीय) ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि ‘सरकार तो क्या इसका बाप भी जमशेदपुर को नगरपालिका नहीं बना सकता है। मैं इस केस को 30- 40 साल तक खीचूंगा’।
जवाहरलाल शर्मा कहते हैं कि उन्होंने (रुसी मोदी) कोर्ट का उपहास करते हुए सामने खड़ी भीड़ से कहा था कि कोर्ट का रवैया तो आप जानते ही हैं, पर लोकतंत्र की रक्षा और सभी नागरिकों को संविधान प्रदत्त तीसरे मताधिकार तथा अन्य सभी नागरिक सुविधाओं की लड़ाई जारी है। ईश्वर, जमशेदपुर की जनता की मदद करे।
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