
Jamshedpur : इंडस्ट्रियल ऑल के तत्वावधान में चेन्नई में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का गुरुवार को समापन हो गया। “जस्ट ट्रांजिशन इन आईसीटी, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर” विषय पर आधारित इस कार्यशाला में जमशेदपुर के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रमुख ट्रेड यूनियन नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस उच्च-स्तरीय मंथन शिविर में श्रमिकों के अधिकारों, तकनीकी बदलावों और उनके भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
प्रमुख हस्तियों की भागीदारी
कार्यक्रम में इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटलमाइंस सर्विसेज एंड इंजीनियरिंग एम्पलाइज फेडरेशन (आईएनएसएमएमएस एंड ईएफ) के महासचिव एवं शहर के इंटक नेता रघुनाथ पांडेय विशेष रूप से शामिल हुए। उनके साथ-साथ पुणे, दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य प्रमुख शहरों से आए ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।
इन गंभीर और महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा
दो दिनों तक चले इस मंथन शिविर के दौरान निम्नलिखित संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया:
- रोजगार पर तकनीकी बदलावों का असर : तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तनों का श्रमिकों की आजीविका और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई।
- श्रम अधिकार और नए कानून : कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता, नए श्रम कानूनों, नियोक्ताओं की जवाबदेही और सामूहिक सौदेबाजी (कलेक्टिव बारगेनिंग) जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ।
- सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हित : वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि औद्योगिक परिवर्तन के इस दौर में श्रमिकों के रोजगार को सुरक्षित रखना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करना बेहद आवश्यक है।
- ट्रेड यूनियनों की भूमिका : बदलते दौर में ट्रेड यूनियनों की प्रासंगिकता को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान दक्षिण एशिया रीजनल ऑफिसर सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस राष्ट्रीय कार्यशाला के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाले बदलावों के बीच श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया है।

