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शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा RJD में, राजनीतिक संभावनाओं के बीच फिर लालू के करीब आया परिवार

शहाबुद्दीन और लालू यादव के बीच एक समय गहरे पारिवारिक रिश्ते थे। शहाबुद्दीन के निधन के बाद दूरियां बढ़ गई थीं। हिना शहाब ने आरोप लगाया था कि उनके पति, जो आरजेडी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, उनके निधन के बाद पार्टी ने श्रद्धांजलि तक नहीं दी।

by Rakesh Pandey
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पटना : बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। दिवंगत बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में औपचारिक रूप से शामिल होकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की है। इस मौके पर आरजेडी के प्रमुख लालू यादव और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का भी सहयोग रहा, जो इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। साथ ही ओसामा की मां और शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का भी इसमें शामिल होना इस बात का संकेत है कि यह परिवार फिर से आरजेडी के साथ जुड़ गया।

दूरियां बढ़ने के बाद लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ी थीं हिना

शहाबुद्दीन और लालू यादव के बीच एक समय काफी गहरे पारिवारिक रिश्ते थे। हालांकि, शहाबुद्दीन के निधन के बाद दोनों परिवारों के बीच की दूरियां बढ़ गई थीं। हिना शहाब ने आरोप लगाया था कि उनके पति, जो आरजेडी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, उनके निधन के बाद पार्टी ने कोई श्रद्धांजलि तक नहीं दी। यही कारण था कि हिना शहाब ने पिछले लोकसभा चुनाव में सीवान से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

कुछ महीने पहले से ही मिल रही थी संबंधों को मजबूती


लालू यादव ने इस स्थिति को समझते हुए शहाब परिवार के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिशें शुरू कीं। कुछ महीने पहले, लालू और तेजस्वी ने हिना शहाब से मुलाकात की थी, जो इस बात का संकेत था कि पार्टी शहाबुद्दीन परिवार के साथ फिर से संबंध स्थापित करना चाहती है।

क्या हैं संभावित लाभ और चुनौतियां


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरजेडी और शहाब परिवार के बीच का यह गठबंधन चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। हिना शहाब ने पहले भी निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन अब आरजेडी के साथ आकर उन्हें पार्टी के मंच का लाभ मिलेगा। इससे न केवल आरजेडी की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ओसामा के लिए भी एक सुरक्षित राजनीतिक मंच उपलब्ध होगा।

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