RANCHI: राज्य सरकार जूनियर डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संकेत दिए हैं कि जूनियर डॉक्टरों के लिए एक नई नियमावली तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस नियमावली का उद्देश्य डॉक्टरों को कार्य स्थल पर बेहतर सुविधा देना और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करना है। सरकार की इस पहल को स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि कैबिनेट से इस नियमावली को मंजूरी मिल जाती है, तो इससे न केवल जूनियर डॉक्टरों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार की उम्मीद है।
स्टाइपेंड का भी होगा निर्धारण
मंत्री ने बताया कि सरकार जूनियर डॉक्टरों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होते हैं, इसलिए उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। नई नियमावली में स्टाइपेंड बढ़ाने और सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को शामिल किए जा सकते है। उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टर लंबे समय से अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनके लिए पर्याप्त नहीं है। इस मुद्दे को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की स्थिति भी बनी है।
डॉक्टरों से स्वास्थ्य मंत्री की अपील
हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से अपील भी की है कि वे हड़ताल पर न जाए। उन्होंने कहा कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं और इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। साथ ही इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि भी खराब होती है। उन्होंने डॉक्टरों से संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही। उन्होंने कहा है कि एक डॉक्टर होने के नाते मैं उनका दर्द समझ सकता हूं।
लंबे समय से हो रही मांग
राज्यभर के मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर सरकार से लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इसे लेकर डॉक्टर ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। डॉक्टर ने काला बिल्ला लगाकर काम किया था। जूनियर डॉक्टर नेटवर्क के प्रतिनिधियों का कहना था कि बिहार, ओडिशा, बंगाल, दिल्ली और एमपी की तर्ज पर झारखंड में भी स्टाइपेंड दिया जाए।
जेडीएन को मिला है आश्वासन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर नेटवर्क झारखंड के सेक्रेटरी डॉ राघवेंद्र ने कहा कि लंबे समय से हमारी मांग स्टाइपेंड बढ़ाने की रही थी। डॉक्टर ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। इस बीच स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने हमें वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने हमें नई नियमावली की जानकारी दी। साथ ही बताया कि अगली कैबिनेट में ही इस प्रस्ताव को लाया जाएगा।
जूनियर डॉक्टरों के लिए पहले से स्टाइपेंड और नई नियमावली में तय स्टाइपेंड
पीजी
पीजी फर्स्ट ईयर 54.5 हजार 70 हजार
पीजी सेकंड ईयर 58.5 हजार 75 हजार
पीजी थर्ड ईयर 63.5 हजार 80 हजार
एमबीबीएस
इंटर्न 17.5 हजार 25 हजार
नॉन एकेडमिक
जूनियर रेजिडेंट 54.5 हजार 70 हजार
सीनियर रेजिडेंट
पहले साल 80 हजार 90 हजार
दूसरे साल 82.5 हजार 95 हजार
तीसरे साल 85 हजार 1 लाख

