Jamshedpur : जमशेदपुर में धूमधाम से जुलूस से मोहम्मदी निकाला गया। इस जुलूस ए मोहम्मदी में अकीदत मंद शानो शौकत के साथ शामिल हुए। जुलूस मोहम्मदी मानगो के गांधी मैदान से निकला और मानगो चौक, मानगो ब्रिज और मानगो बस स्टैंड गोल चक्कर होते हुए आम बागान पहुंचा। आम बागान में उलेमा की तकरीर हुई। तकरीर में लोगों को बताया गया कि आज ही के दिन कायनात के रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेही वसल्लम दुनिया में तशरीफ लाए थे।
लोगों से अपील की गई कि वह शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस में शामिल हों। आम बागान में तकरीर के बाद जुलूस आगे बढ़ा। साकची गोल चक्कर पर भालूबासा और टेल्को के बारी नगर व गोलमुरी से आने वाले जुलूस इसमें शामिल हुए। इसके बाद यह जुलूस स्ट्रेट माइल रोड होता हुआ धतकीडीह पहुंचा। इस जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की सेवा की गई। सड़क के दोनों तरफ स्टाल लगाकर लोगों को हलवा, शरबत, चना, चाय, कॉफी, बिस्किट आदि का वितरण किया गया।
जुगसलाई से भी एक जुलूस से मोहम्मदी निकला, जो सीधे बिष्टुपुर होते हुए धतकीडीह पहुंचा। ईद मिलादुन्नबी को लेकर सुबह से ही लौह नगरी में गहमागहमी थी। लोग नए कपड़े पहने थे। इत्र लगाए थे। पूरा इलाका खुशबू से मोअत्तर था। कपाली से लोग जुलूस की शक्ल में ओल्ड पुरुलिया रोड पहुंचे। ओल्ड पुरुलिया रोड से चेपा पुल होते हुए लोग गांधी मैदान पहुंचे।
गांधी मैदान से जब जुलूस निकला तो आगे आगे उलेमा थे। उसके पीछे बाइक सवार और पीछे कार सवार थे। हर तरफ सरकार की आमद मरहबा की गूंज थी। धतकीडीह के कम्यूनिटी सेंटर मैदान में उलेमा की तकरीर के दौरान झारखंड के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान के अलावा विधायक मंगल कालिंदी भी स्टेज पर मौजूद रहे।
जश्ने ईद मिलादुन्नबी की निकाली गई जुलूस, नारों से गूंज उठा शहर
लोहरदगा : झारखंड के लोहरदगा शहर में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की आमद की खुशी में शुक्रवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी पूरे जोशो-खरोश और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अंजुमन इस्लामिया की अगुवाई मेंतड़के सुबह परचमकुशाई की रस्म अदायगी के बाद जब जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला, तो हर गली, हर चौक-चौराहा “नारे तकबीर” और “मरहबा या मुस्तफा” की सदाओं से गूंज उठा।लोहरदगा शहरी क्षेत्र सहित कई गांवों से लोग बड़ी तादाद में जुटे। बच्चे हों या नौजवान और बुजुर्ग हर कोई पैगंबर-ए-इस्लाम से मोहब्बत जताने सड़कों पर उतरा।
जुलूस के दौरान जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए थे। वक्ताओं ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देती है, जिसे अमल में लाना ही असली ईबादत है।जुलूस के समापन पर फ़ातिहा ख्वानी की गई और मुल्क की सलामती, कौम की तरक्की और अमन की दुआएं मांगी गईं। दीवानों ने हाथ उठाकर अल्लाह से दुआ की कि मुल्क में मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत हमेशा कायम रहे।पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। जुलूस-ए-मोहम्मदी का यह नजारा हर गांव में मोहब्बत और एकता की मिसाल पेश करता नजर आया। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

