रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उम्र सीमा में अतिरिक्त छूट देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इससे अब परीक्षा आयोजित होने का रास्ता साफ हो गया है।
यह सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार का निर्णय सही है और इसमें कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि अधिकतम उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट 1 अगस्त 2018 तय हो, ताकि ज्यादा अभ्यर्थियों को मौका मिल सके। लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट ने कहा- सरकार पहले ही दे चुकी है चार साल की छूट
कोर्ट ने कहा कि सरकार पहले ही उम्मीदवारों को चार साल की छूट दे चुकी है और उम्र सीमा 1 अगस्त 2022 तक बढ़ाई जा चुकी है। ऐसे में और छूट देना उचित नहीं होगा।
इस मामले में नीरज कुमार पांडे, रंजीत कुमार, नीलम कुमारी समेत कई लोगों ने पहले एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी थी। एकल पीठ ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने खंडपीठ में अपील की थी। अब खंडपीठ ने भी वही फैसला बरकरार रखा है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पिछले वर्षों की परीक्षाओं में उम्र सीमा की कट-ऑफ अलग-अलग रही है। उन्होंने कहा कि 2021 की परीक्षा में यह 1 अगस्त 2016 थी, जबकि 2024 में 1 अगस्त 2017 रखी गई थी। इसी आधार पर उन्होंने 2025 की परीक्षा के लिए 1 अगस्त 2018 की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को नहीं माना। अब 19 अप्रैल को होने वाली JPSC सिविल सेवा परीक्षा बिना किसी बाधा के आयोजित होगी।
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