रांची। पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भ्रष्ट और गालीबाज पुलिस अधिकारियों को सरकार स्तर से संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए बहुत ही गंभीर टिप्पणी की है।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गालीबाज पुलिस अधिकारी के मामले में परोक्ष समर्थन देने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी और सोशल मीडिया पर की गई गतिविधि से गलत संदेश जा रहा है।
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में मरांडी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लोग भले ही मुख्यमंत्री के बचाव में कुछ भी लिखें, लेकिन जब स्वयं मुख्यमंत्री ऐसे पोस्ट को रीट्वीट करते हैं, तो यह बदतमीजी को आधिकारिक मान्यता देने जैसा प्रतीत होता है।
कसा तंज -गाली को वैध ठहराने के लिए कानून ही बना देना चाहिए
मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार को भ्रष्ट और गालीबाज अधिकारी पसंद हैं, तो विधानसभा में भ्रष्टाचार और गाली-गलौज को वैध ठहराने के लिए कानून ही बना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बना दिया जाए, जिसमें पुलिस को जनता के साथ दुर्व्यवहार और अपशब्द कहने की खुली छूट मिल जाए।
उन्होंने आगे कहा कि जब सरकार परोक्ष रूप से ऐसे व्यवहार को बढ़ावा दे रही है, तो उसे औपचारिक रूप भी दे देना चाहिए। साथ ही उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसे किसी भी नए कानून का वे स्वागत करेंगे।
मरांडी ने यह भी कहा कि केवल पद से हटाना पर्याप्त सजा नहीं है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी जनसेवक या प्रशासनिक अधिकारी जनता के साथ अभद्र व्यवहार करने की हिम्मत न कर सके। मरांडी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के आसार हैं।
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