RANCHI: नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में गुरुवार को राज्य स्तरीय पुरुष नसबंदी अभियान सह सम्मान समारोह का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया। इस दौरान उन्होंने पुरुष नसबंदी जागरूकता रथ और डाक विभाग के वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 20 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पुरुष भी परिवार नियोजन में बराबर की जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने समाज से अपील की कि नसबंदी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करें और इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं। मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप बलमुचू, निदेशक डाक सेवा बीआर चौधरी सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
8500 हेल्थ कर्मियों की बहाली
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 8500 हेल्थ टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल कर्मियों की बहाली की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रांची सदर अस्पताल को राज्य का पहला एनएबीएल सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है, जो स्वास्थ्य गुणवत्ता में झारखंड की बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम के दौरान भारतीय डाक विभाग झारखंड और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बीच परिवार नियोजन सामग्रियों के परिवहन व वितरण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत डाक विभाग राज्यभर के स्वास्थ्य केंद्रों तक सामग्रियों की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
परिवार नियोजन आर्थिक प्रगति का आधार
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि परिवार नियोजन केवल स्वास्थ्य नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए झारखंड को पुरुष सहभागिता आधारित परिवार नियोजन में आदर्श राज्य बनाने की बात कही। एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि राज्य की कुल प्रजनन दर 3.5 से घटकर 2.3 और गर्भनिरोधक प्रचलन दर 35.7% से बढ़कर 61.7% हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और प्रभावी उपाय है। वहीं राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. पुष्पा ने बताया कि परिवार नियोजन संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
नई गर्भनिरोधक विधियों की शुरुआत
कार्यक्रम में नई गर्भनिरोधक विधियों (MPA-SC एवं इम्प्लांट) का शुभारंभ किया गया। साथ ही राज्यभर के उत्कृष्ट स्वास्थ्यकर्मियों व संस्थानों को सम्मानित किया गया। मुख्य उपलब्धियों में परिवार नियोजन की अपूर्ण आवश्यकता 22.6% से घटकर 11.5%, 1.30 लाख सास-बहू-पति सम्मेलन और 6.98 लाख नई पहल किट वितरण शामिल हैं।
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