

Godda (Jharkhand) : दिवंगत आदिवासी नेता सूर्या हांसदा द्वारा स्थापित चांद भैरव राजा राज विद्यालय का संचालन उनकी पत्नी सुशीला मुर्मू के प्रयासों से फिर से शुरू हो गया है। इस विद्यालय में 300 से अधिक गरीब और अनाथ बच्चे निःशुल्क रहकर पढ़ाई करते हैं। बता दें कि सूर्या हांसदा का 11 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में निधन हो गया था, जिसके बाद उनका स्थापित किया हुआ यह विद्यालय वीरान हो गया था और बच्चों में भी शोक का माहौल था।

पति के सपने को पूरा करने की ठानी
सुशीला मुर्मू ने बताया कि उनके दिवंगत पति ने गरीब और अनाथ बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए वर्ष 2022 में अपने पैतृक गांव ललमटिया के डकैता में यह विद्यालय खोला था। अपने बड़े बेटे राजाराज के निधन के बाद, उन्होंने उसकी स्मृति में इस स्कूल की स्थापना की थी। सूर्या हांसदा की मृत्यु के बाद बच्चों ने पांच दिनों तक शोक मनाया, लेकिन अब 15 अगस्त के बाद से ही विद्यालय में फिर से पढ़ाई शुरू कर दी गई है। सुशीला मुर्मू, उनके भाई महेंद्र हांसदा और समाज के सहयोग से इस विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।

“पति की मौत की होनी चाहिए सीबीआई जांच”
सुशीला मुर्मू ने भावुक होकर कहा कि वह अपने पति के सपनों को पूरा करने के लिए इस विद्यालय को कभी बंद नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा, “यह विद्यालय इस क्षेत्र के वंचित समाज के बच्चों का भविष्य है। आदिवासी क्षेत्र में गरीबी के कारण कई बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। मेरे पति ने इस वंचित समाज को आगे बढ़ाने का फैसला लिया था और शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए लगातार आवाज उठाई थी।”

सूर्या हांसदा की पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप
वर्तमान में, विद्यालय में एलकेजी से तीसरी कक्षा तक के 300 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। प्रधानाचार्य सुनील टुडू ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है और जैसे-जैसे बच्चे अगली कक्षाओं में जाएंगे, वैसे-वैसे उनकी कक्षाएं भी आगे बढ़ाई जाएंगी। सुशीला मुर्मू ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति की हत्या फर्जी पुलिस मुठभेड़ में की गई है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक जांच नहीं होती, वह चुप नहीं बैठेंगी।
