Jamshedpur : टाटा मोटर्स प्लांट-3, आदित्यपुर के डीजीएम (DGM) प्रणय कांत प्रसाद को उद्योग क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉक्टरेट (Ph.D.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में वर्षों से किए जा रहे अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. प्रणय कांत प्रसाद ने ‘कैथोडिक इलेक्ट्रो डिपोजिशन’ विषय पर गहन शोध कार्य करते हुए अपनी पीएचडी उपाधि प्राप्त की। यह शोध विशेष रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर में वाहन निर्माण प्रक्रियाओं की गुणवत्ता सुधार, जंग-रोधी तकनीक और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम से जुड़ा हुआ है, जो भविष्य में उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अपनी इस उपलब्धि को उन्होंने “लाइफ टाइम अचीवमेंट” बताते हुए कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि टाटा मोटर्स के उस तकनीकी और अनुसंधानपरक माहौल की देन है, जिसने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने शोध गाइड डॉ. शैलेश और डॉ. प्रतीक का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह शोध यात्रा सफल हो सकी।
डॉ. प्रणय कांत प्रसाद ने कहा कि शोध कार्य चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन टीमवर्क, सही दिशा और संस्थान के सहयोग से यह मुकाम हासिल हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में वे ऑटोमोबाइल उद्योग में नई तकनीकों, इनोवेशन और रिसर्च पर लगातार काम करते रहेंगे।
इस उपलब्धि से न केवल टाटा मोटर्स, बल्कि झारखंड के औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में भी एक नया गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
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