Jamshedpur : जमशेदपुर में ट्रेनों की लगातार देरी और रेलवे प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ विधायक सरयू राय का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर जदयू के कार्यकर्ताओं ने विधायक सरयू राय के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान स्टेशन परिसर के बाहर माहौल काफी हंगामेदार रहा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने चक्रधरपुर रेल मंडल की अव्यवस्थाओं के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।
विधायक सरयू राय का कहना है कि रेलवे की खराब व्यवस्था ने सभी की दिनचर्या को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। चांडिल से टाटानगर के बीच जहां सफर सामान्यतः 30 मिनट में पूरा हो जाता है, वहीं अब यात्रियों को 3 से 4 घंटे तक का समय लग रहा है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि पैसेंजर ट्रेनों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि प्रीमियम ट्रेनें जैसे राजधानी और तेजस एक्सप्रेस भी 3 घंटे से अधिक देरी से चल रही हैं, जो रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विधायक सरयू राय ने मौके पर कहा कि रेलवे प्रशासन पूरी तरह विफल हो चुका है और यात्रियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें भी स्पष्ट रूप से रखीं।
- ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाए
- चांडिल-टाटानगर लोकल ट्रेनों की बहाली की जाए
- रेलवे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
- पैसेंजर ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए जदयू नेताओं का कहना है कि अब वे अपनी समस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेंगे।
गौरतलब है कि रेलवे प्रशासन की ओर से पहले भी सुधार के दावे किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या जस की तस बनी हुई है। फिलहाल, टाटानगर स्टेशन पर जारी यह विरोध-प्रदर्शन रेलवे प्रशासन के लिए एक स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि बढ़ते जनदबाव के बीच प्रशासन कब तक इस समस्या का ठोस समाधान निकालता है।

