पटना : बिहार के पूर्व मंत्री और आरजेडी विधायक तेज प्रताप यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार वे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के कारण चर्चा का केंद्र बने हैं। 15 मार्च को होली के मौके पर तेज प्रताप यादव बिना हेलमेट के एक स्कूटी पर सवार होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के पास जोर-जोर से नारे लगाते हुए दिखे। इसके बाद पटना ट्रैफिक पुलिस ने एक्शन लिया और उनके खिलाफ 9 चालान जारी किए हैं।
ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई
तेज प्रताप यादव का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे “पलटू चाचा हैप्पी होली” का नारा लगाते नजर आए। इसके बाद पटना ट्रैफिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पाया कि तेज प्रताप की स्कूटी पर कई नियमों का उल्लंघन हुआ था। सबसे पहले, बिना हेलमेट गाड़ी चलाने के लिए उन्हें 1,000 रुपये का चालान दिया गया। इसके बाद पुलिस ने पाया कि स्कूटी का इंश्योरेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी खत्म हो चुका था, जिसके चलते अतिरिक्त चालान काटे गए।
क्या-क्या उल्लंघन हुए?
सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि तेज प्रताप यादव की स्कूटी का इंश्योरेंस और पॉल्यूशन प्रमाणपत्र वैध नहीं था। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने 2,000 रुपये का चालान इंश्योरेंस के लिए और 1,000 रुपये का पॉल्यूशन प्रमाणपत्र के लिए काटा। इसके अलावा, हेलमेट न पहनने के लिए 8 अलग-अलग चालान काटे गए, जिनमें प्रत्येक पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस तरह, कुल मिलाकर तेज प्रताप यादव की स्कूटी पर 9 चालान लगाए गए, जिसमें कुल 11,000 रुपये का जुर्माना हुआ।
गाड़ी की रजिस्ट्री और अन्य तथ्य
पटना ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, तेज प्रताप की स्कूटी का रजिस्ट्रेशन फुलवारी शरीफ निवासी मोहम्मद कमरुल हुदा के नाम पर था। यह भी पाया गया कि गाड़ी का इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र पहले ही समाप्त हो चुके थे, जिससे यह एक और कारण बना जुर्माना लगाने का।
विवादों में घिरे तेज प्रताप यादव
तेज प्रताप यादव का यह वीडियो वायरल होते ही राजनीति में हलचल मच गई। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर तेज प्रताप यादव की आलोचना की। इस बीच, तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी और बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए लिखा कि “होली के पर्व को बीजेपी और आरएसएस ने नफरत का नया रंग दे दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और विरोधी दल के नेताओं को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए और होली का पर्व भाईचारे और उत्साह के साथ मनाना चाहिए।
प्रतिक्रिया और सफाई
तेज प्रताप यादव ने अपनी सफाई में कहा कि हमारे लिए होली एक खुशियों और भाईचारे का पर्व है। इस पर सियासत करना विरोधियों की आदत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना एक छोटे से उत्सव का हिस्सा थी और इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने अपना कर्तव्य निभाया और जुर्माना लगाया।
तेज प्रताप यादव के इस कृत्य को लेकर अब राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग इसे हल्के में ले रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे एक जिम्मेदार नेता के तौर पर उनके कर्तव्यों का उल्लंघन माना है।
Read Also- Breaking News : झारखंड में जिंदा जल गए 4 बच्चे, जानिए कैसे हुई दर्दनाक घटना

