

बेगूसराय: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने महिलाओं के कपड़ों और उनके पहनावे को लेकर एक बयान दिया, जो राजनीतिक गलियारों में विवाद का कारण बन गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान तीसरे चरण की प्रगति यात्रा के दौरान बेगूसराय में जीविका दीदियों से बातचीत के दौरान आया।

क्या कहा था नीतीश कुमार ने?
नीतीश कुमार ने बातचीत के दौरान महिलाओं के पहनावे को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा, “पहले लड़कियां कपड़ा पहनती थी? अब देखिये कितना बढ़िया हो गया है। सब कितना अच्छा पहन रही हैं और बोलती भी कितनी बढ़िया हैं। पहले ये बात नहीं बोल पाती थीं। अब कितना अच्छा हो गया है, सब कितना अच्छा लग रहा है।” मुख्यमंत्री के इस बयान का उद्देश्य महिलाओं के विकास और उनके आत्मविश्वास को रेखांकित करना था, लेकिन उनके शब्दों का आशय कुछ और ही निकल गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

सम्राट चौधरी और विजय कुमार चौधरी हुए असहज
नीतीश कुमार का यह बयान सुनते ही वहां मौजूद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय कुमार चौधरी असहज नजर आए। सीएम का उद्देश्य महिलाओं के परिधान पर चर्चा करना था, लेकिन उन्होंने ‘कपड़ा’ शब्द का उपयोग किया, जिससे पूरा बयान ही गलत दिशा में चला गया। हालांकि, आसपास मौजूद नेताओं ने स्थिति को संभालते हुए जल्दी ही मामले को शांत किया, लेकिन इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।

तेजस्वी यादव का तंज
नीतीश कुमार के बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार पर हमला करते हुए लिखा, “पहले बिहार की बेटियां सिर्फ कपड़े ही नहीं, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सम्मान भी पहनती थीं, नीतीश कुमार जी! ‘स्त्री परिधान वैज्ञानिक’ मत बनिए। आप मुख्यमंत्री हैं, वूमेन फैशन डिजाइनर नहीं।” तेजस्वी यादव का यह तंज सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के बयान पर था, जिसमें उन्होंने महिलाओं के कपड़े पहनने के तरीके पर चर्चा की थी।
पहले भी दिए थे विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार के बयान पर विवाद हुआ है। इससे पहले भी 5 जनवरी को प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के चेहरे और बोलने के तरीके को लेकर एक और बयान दिया था, जो विवादों में घिर गया था। उन्होंने कहा था, “इन सबका चेहरा कितना बढ़िया दिख रहा है, ऐसा चेहरा पहले किसी का देखते थे, अब कितना बढ़िया बोलती हैं।” तेजस्वी यादव ने उस बयान पर भी तंज कसते हुए सवाल उठाया था।
जनसंख्या नियंत्रण पर भी माफी मांगनी पड़ी थी
इससे पहले, नवंबर 2023 में नीतीश कुमार को अपने जनसंख्या नियंत्रण संबंधी बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी थी। विधानसभा में कार्यवाही के दौरान उन्होंने एक बयान दिया था, जिसमें कहा था, “शादी के बाद रात को क्या-क्या होता है…” यह बयान लेकर सदन में बवाल मच गया था और इसके बाद मुख्यमंत्री को माफी मांगनी पड़ी थी।
नीतीश कुमार का यह बयान महिलाओं के अधिकार और उनके सम्मान से जुड़ा हुआ मामला बन गया है। विपक्षी दलों ने इसे उनकी नीतियों और दृष्टिकोण पर सवाल उठाने का एक और मौका माना है। तेजस्वी यादव द्वारा किया गया पलटवार और अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि महिलाओं से संबंधित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जो आने वाले दिनों में और भी तूल पकड़ सकता है।
नीतीश कुमार के बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महिलाओं के मामलों में नेताओं को अपनी टिप्पणियों में अधिक संवेदनशीलता और समझदारी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
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