जमशेदपुर : अर्का जैन विश्वविद्यालय में आयोजित एनपीटीईएल अवेयरनेस कार्यशाला में छात्रों और शिक्षकों को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव प्रदान किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी खड़गपुर की को-ऑर्डिनेटर और एसोसिएट डीन प्रोफेसर हैमंती बनर्जी ने छात्रों को एनपीटीईएल प्रमाणन पाठ्यक्रमों के महत्व और लाभों पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एनपीटीईएल प्रमाणन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को आईआईटी में इंटर्नशिप और प्री-डॉक्टोरल फेलोशिप के विशेष अवसर प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालय को एक सक्रिय एनपीटीईएल लोकल चैप्टर बनने के लिए बधाई दी
कार्यशाला का उद्देश्य और प्रेरक बातें
कार्यशाला के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एसएस रज़ी ने कहा,
“एनपीटीईएल प्रमाणन पाठ्यक्रम न केवल शैक्षणिक विकास के लिए, बल्कि व्यावसायिक सफलता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”डीन (छात्र कल्याण) डॉ. अंगद तिवारी और जॉइंट रजिस्ट्रार डॉ. जसबीर धंजल ने भी छात्रों को ऐसे पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
मेधावी छात्रों और शिक्षकों का सम्मान
कार्यशाला के समापन पर एनपीटीईएल प्रमाणन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों और शिक्षकों को प्रोफेसर हैमंती बनर्जी द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. सोनिया रियात (डीन, स्कूल ऑफ रिसर्च) और डॉ. चारू वधवा (असिस्टेंट डायरेक्टर, सीसीएचआरडी) समेत कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
छात्रों ने बताया प्रेरणादायक
कार्यशाला में छात्रों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने इसे बेहद प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया।
अर्का जैन विश्वविद्यालय के एनपीटीईएल लोकल चैप्टर ने इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई, जो छात्रों के कौशल विकास और करियर निर्माण में सहायक होंगी।

